Krishna Institute of Medical Sciences Ltd (KIMS) ने अपने विस्तार को एक नई दिशा दी है। कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी (wholly-owned subsidiary) KIMS Swastha ने केरल के Palakkad में स्थित 210-बेड वाले Avitis Super Speciality Hospitals के साथ 20 साल का पक्का एग्रीमेंट किया है। यह डील 2 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
इस करार के तहत, KIMS Swastha इस अस्पताल का मैनेजमेंट, ऑपरेशन और सब-लीज (sub-lease) का काम संभालेगी। कंपनी ने इस सौदे के लिए भारी भरकम सुरक्षा जमा राशि (security deposit) के तौर पर कुल ₹29.75 करोड़ का भुगतान करेगी। इसमें से ₹5 करोड़ Avitis के पास रहेंगे, और ₹0.25 करोड़ सब-लीज सुरक्षा जमा राशि के तौर पर दिए जाएंगे।
संचालन और प्रबंधन (O&M) के लिए, पहले 12 महीनों की मंथली फीस ₹10 लाख होगी, जिसके बाद यह बढ़कर ₹25 लाख हो जाएगी। रेवेन्यू शेयरिंग (revenue sharing) की बात करें तो, कंपनी को हर महीने कम से कम ₹22 लाख की गारंटीड राशि देनी होगी या फिर कुल नेट रेवेन्यू (Net Revenues) का 4% भुगतान करना होगा, जिसमें ₹3 लाख का सब-लीज किराया भी शामिल है।
इस डील का सबसे अहम पहलू KIMS Swastha को मिला 'कॉल ऑप्शन' (call option) है। यह KIMS को भविष्य में Avitis में मेजॉरिटी शेयर होल्डिंग (majority shareholding) खरीदने का अधिकार देता है, हालांकि कंपनी ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं होगी।
यह कदम KIMS Hospitals के लिए 'एसेट-लाइट मॉडल' (asset-light model) का इस्तेमाल करके केरल में तेजी से विस्तार करने की एक बड़ी रणनीति है। इस मॉडल से कंपनी तुरंत भारी पूंजी लगाए बिना, परिचालन नियंत्रण (operational control) और ब्रांड की पहचान मजबूत कर सकती है। 20 साल की लंबी अवधि कंपनी को स्थिरता प्रदान करेगी, जबकि कॉल ऑप्शन भविष्य में मालिकाना हक़ को मजबूत करने का एक लचीला रास्ता खोलता है।
KIMS Hospitals केरल में अपनी मौजूदगी को लगातार बढ़ा रही है। इससे पहले कंपनी Kannur में Sreechand Hospital और Thrissur में Westfort Hospital के साथ भी ऑपरेशन और मैनेजमेंट (O&M) के अनुबंध कर चुकी है। समूह की योजना अगले 5 सालों में केरल में 3,000 बेड जोड़ने और Kochi व Kozhikode में बड़ी 'हेल्थ सिटी' स्थापित करने की है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि इस सौदे से KIMS की कमाई अस्पताल के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। अगर अस्पताल का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, तो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर असर पड़ सकता है।