FY26 में दमदार प्रदर्शन, रेवेन्यू में 13% की उछाल
Jenburkt Pharmaceuticals ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) ₹34.74 करोड़ रहा, जबकि कुल आय (Total Income) ₹179.04 करोड़ दर्ज की गई। यह पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में 13.02% की शानदार बढ़ोतरी दिखाता है।
वहीं, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) के लिए, कंपनी की स्टैंडअलोन कुल आय 14.10% बढ़कर ₹48.98 करोड़ हो गई। इस तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹10.85 करोड़ रहा और प्रति शेयर आय (EPS) ₹24.58 दर्ज की गई। पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, सालाना ईपीएस (EPS) ₹78.71 रही।
ज़ीरो-डेट स्टेटस और शेयरधारकों को बड़ा डिविडेंड
Jenburkt Pharmaceuticals अपनी वित्तीय मज़बूती के लिए जानी जाती है। कंपनी पर फिलहाल कोई भी मौजूदा कर्ज़ (Current Borrowings) नहीं है और बैंक बैलेंस में ₹53.11 करोड़ की एक बड़ी रकम जमा है। इस मज़बूत वित्तीय स्थिति का फायदा उठाते हुए, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹20.70 प्रति शेयर (यानी 207%) का मोटा डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
एक बार के खर्च का असर
FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों पर लेबर कोड (Labour Codes) से जुड़े एक बार के खर्च का असर पड़ा। कंपनी ने ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटी से संबंधित ₹3.95 करोड़ का एकमुश्त चार्ज दर्ज किया। हालांकि, पूरे साल के प्रदर्शन पर इसका असर सीमित रहा।
प्रतिस्पर्धियों में मज़बूत स्थिति
13% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के साथ, Jenburkt Pharmaceuticals, Ajanta Pharma, Suven Pharmaceuticals और Laurus Labs जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच अपनी जगह बनाए हुए है। कंपनी का ज़ीरो-डेट स्टेटस और ₹53.11 करोड़ का कैश रिजर्व इसे कैपिटल-इंटेंसिव फार्मा इंडस्ट्री में एक मज़बूत खिलाड़ी बनाता है। निवेशक आगे चलकर लेबर कोड संशोधनों के पूरे प्रभाव और FY27 के लिए कंपनी के आउटलुक पर नज़र रखेंगे।
