Ravin और Bela Gandhi ने Hester Biosciences में अपनी करीब 9.45% वोटिंग राइट्स वाली होल्डिंग को 'Promoter' स्टेटस से 'Public' स्टेटस में री-क्लासिफाई (reclassify) करने के लिए आधिकारिक अनुरोध किया है। कंपनी अब SEBI के नियमों के तहत इस प्रक्रिया को शुरू कर रही है।
यह अनुरोध Ravin Gandhi द्वारा कुछ दिन पहले ही Hester Biosciences के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफे के ठीक बाद आया है। Ravin Gandhi ने 12 मई, 2026 को बोर्ड से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद 14 मई, 2026 को उन्होंने और Bela Gandhi ने अपने शेयर री-क्लासिफिकेशन के लिए आवेदन जमा किया।
अगर यह री-क्लासिफिकेशन मंजूर हो जाता है, तो इससे कंपनी के प्रमोटर ग्रुप की संरचना में बड़ा बदलाव आ सकता है। SEBI के नियमों के मुताबिक, इसका मतलब यह होगा कि Ravin और Bela Gandhi को अब कंपनी के मैनेजमेंट या पॉलिसी निर्णयों को प्रभावित करने या नियंत्रित करने वाला नहीं माना जाएगा।
री-क्लासिफिकेशन के अनुरोध से पहले, Ravin Gandhi के पास 4.74% वोटिंग राइट्स थे, जबकि Bela Gandhi के पास 4.71% स्टेक था। इस तरह, उनका कुल संयुक्त शेयरहोल्डिंग 9.45% था।
इस री-क्लासिफिकेशन को SEBI या स्टॉक एक्सचेंजों से मंजूरी मिलने में देरी हो सकती है, और अंतिम परिणाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक कंपनी की तरफ से SEBI (LODR) रेगुलेशंस के तहत इन आवेदनों की प्रोसेसिंग की प्रगति पर नज़र रखेंगे।