कंपनी के फाइनेंशियल ईयर नतीजों के आगे की कहानी
Granules India ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के अपने फाइनल नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंसोलिडेटेड आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू ₹53,859.71 मिलियन रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) ₹5,950.21 मिलियन दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन लेवल पर, रेवेन्यू ₹8,768.21 मिलियन और PAT ₹989.87 मिलियन रहा।
डिविडेंड और शेयरधारकों की सभा
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY25-26 के लिए ₹1.75 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 30 जुलाई, 2026 तय की गई है। कंपनी की 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 6 अगस्त, 2026 को आयोजित की जाएगी।
अधिग्रहण से ग्लोबल विस्तार
Granules India ने अपनी ग्लोबल मौजूदगी को मजबूत करने के लिए कई रणनीतिक अधिग्रहण किए हैं। अप्रैल 2025 में, कंपनी ने स्विट्जरलैंड की Senn Chemicals AG को खरीदा, जिससे पीप्टाइड्स (Peptides) और इम्यूनोथेरेपी APIs (Active Pharmaceutical Ingredients) में कंपनी की क्षमताएं बढ़ीं। इसी क्रम में, नवंबर 2025 में जर्मनी में Granules Pharmaceuticals GmbH में 100% हिस्सेदारी खरीदी गई, और उसी महीने कनाडा में Granules Pharmaceuticals Canada, Inc. को शामिल कर कनाडा के बाजार में औपचारिक प्रवेश किया। कंपनी ने 25,000,000 वारंट जारी करके अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया, जो इक्विटी शेयरों में बदले जा सकते हैं। 31 मार्च, 2026 तक इसके लिए ₹3,656.25 मिलियन का भुगतान मिल चुका था।
USFDA वार्निंग लेटर का असर
हालांकि, कंपनी के गैगिलपुर (Gagillapur) प्लांट को फरवरी 2025 में USFDA (यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) से एक चेतावनी पत्र (Warning Letter) मिला था। इसके चलते, यूनिट से मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन को स्वेच्छा से रोक दिया गया है, जिसका असर रेवेन्यू पर पड़ा है और ऑपरेशनल लागत बढ़ गई है। इस वजह से कंसल्टेंसी फीस, एयर फ्रेट (हवाई माल ढुलाई) और प्रोडक्शन में धीमी गति जैसी बढ़ी हुई लागतें अब भी इस यूनिट से होने वाली कमाई को प्रभावित कर रही हैं।
बाजार का परिदृश्य और आगे की राह
फार्मा सेक्टर में Lupin और Sun Pharma जैसी कंपनियों ने भी USFDA की जांच का सामना किया है, जिससे कंप्लायंस लागतें बढ़ी हैं और अप्रूवल में देरी हुई है। Granules India के हालिया अधिग्रहणों का उद्देश्य रेवेन्यू स्ट्रीम को बढ़ाना और किसी एक बाजार या सुविधा पर निर्भरता कम करना है, लेकिन रेगुलेटरी चुनौतियां बनी हुई हैं।
निवेशक अब कंपनी की प्रगति पर नजर रखेंगे कि वह गैगिलपुर सुविधा में USFDA की चिंताओं को कैसे दूर करती है और क्या प्रतिबंध हटते हैं। साथ ही, हाल ही में अधिग्रहित यूरोपीय इकाइयों और कनाडा की सहायक कंपनी के प्रदर्शन पर भी पैनी नजर रहेगी। 6 अगस्त, 2026 को होने वाली AGM से मैनेजमेंट की ओर से अहम अपडेट्स की उम्मीद है।
