बोर्ड की मंजूरी और शेयरधारकों का भरोसा
Gland Pharma लिमिटेड ने अपने पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग के नतीजे जारी किए हैं, जो 13 मई, 2026 को खत्म हुए थे। नैना लाल किदवई की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्ति और उनके रेमुनरेशन में मुनाफे पर कमीशन को 14,07,40,784 वोटों यानी 94.18% की भारी बहुमत से मंजूरी मिली है। इस वोटिंग प्रक्रिया में कुल 14,94,37,703 वोट डाले गए थे।
गवर्नेंस और परफॉर्मेंस का नया मॉडल
नैना लाल किदवई का बोर्ड में बने रहना Gland Pharma के लिए स्थिरता लाएगा और गवर्नेंस (Governance) की देखरेख सुनिश्चित करेगा। मुनाफे पर आधारित कमीशन मॉडल का मकसद डायरेक्टरों की सैलरी को कंपनी की फाइनेंशियल सक्सेस से सीधे जोड़ना है। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और कंपनी के सीनियर लेवल पर परफॉर्मेंस को बढ़ावा मिलेगा, जो शेयर होल्डर्स के हितों के अनुरूप है।
किदवई का अनुभव और इंडस्ट्री का संदर्भ
नैना लाल किदवई भारतीय फाइनेंस और बिजनेस जगत का एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने HSBC जैसी बड़ी संस्थाओं में लीडिंग रोल निभाए हैं, और उनका अनुभव Gland Pharma के स्ट्रेटेजिक फैसलों और गवर्नेंस के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। कंपनी फार्मास्युटिकल CDMO सेक्टर में एक बड़ी प्लेयर है। वैसे भी, Divi's Laboratories, Laurus Labs, और Syngene International जैसे कॉम्पिटीटर्स के बोर्ड में भी मजबूत इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स का होना आम बात है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि Gland Pharma की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को पहले US FDA की तरफ से कंप्लायंस (Compliance) को लेकर जांच का सामना करना पड़ा था, हालांकि यह डायरेक्टर रेमुनरेशन से सीधे जुड़ा नहीं है।
आगे क्या?
इस वोट के नतीजों से Gland Pharma के बोर्ड में स्थिरता आई है, डायरेक्टरों का पे-आउट अब सीधा प्रॉफिट से जुड़ा है, और कंपनी परफॉर्मेंस-ड्रिवन गवर्नेंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर रही है। शेयर होल्डर्स ने साफ तौर पर बोर्ड की दिशा और मैनेजमेंट को अपना समर्थन दिया है।
