Gland Pharma में एक अहम फैसला होने वाला है! कंपनी के बोर्ड ने नैना लाल किडवई को 17 मई, 2026 से शुरू होने वाले दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त करने को हरी झंडी दे दी है। अब कंपनी के शेयरहोल्डर्स पोस्टल बैलेट के ज़रिए उनकी री-अपॉइंटमेंट और प्रस्तावित वेतन पैकेज पर अपना फैसला सुनाएंगे।
इस प्रस्ताव के तहत, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹70 लाख की सालाना सिटिंग फीस तय की गई है। इसके अलावा, कंपनी के नेट प्रॉफिट का 0.25% कमीशन भी दिया जाएगा, जिसकी सालाना सीमा ₹100 लाख तय की गई है। शेयरहोल्डर्स के वोटिंग अधिकार की आखिरी तारीख 10 अप्रैल, 2026 थी, जबकि ई-वोटिंग 14 अप्रैल, 2026 से शुरू हो चुकी है। नतीजों का ऐलान 15 मई, 2026 तक आने की उम्मीद है।
कंपनी का कहना है कि यह कदम नेतृत्व में स्थिरता और बोर्ड की निरंतरता को मज़बूत करेगा। किडवई का फाइनेंस और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में लंबा अनुभव Gland Pharma की स्ट्रेटेजिक दिशा तय करने और ऊंचे मानकों को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नैना लाल किडवई 17 मई, 2021 को पहली बार Gland Pharma के बोर्ड से जुड़ी थीं। उनके पास रॉथ्सचाइल्ड एंड कंपनी इंडिया (Rothschild & Co India) के चेयरमैन जैसे अहम पदों का अनुभव है और उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
यह शेयरहोल्डर वोटिंग प्रक्रिया निवेशकों को बोर्ड की संरचना और डायरेक्टरों के वेतन जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में सीधा अधिकार देती है। हालांकि, इसमें एक अहम पहलू यह भी है कि किडवई का प्रस्तावित सालाना वेतन (कमीशन और फीस मिलाकर) कंपनी के सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के कुल वेतन का 50% से ज़्यादा हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो Gland Pharma को SEBI लिस्टिंग रेगुलेशन के तहत एक स्पेशल रेजोल्यूशन (Special Resolution) की ज़रूरत पड़ेगी, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स की और ज़्यादा मज़बूत मंजूरी चाहिए होगी।
भारत के फार्मा सेक्टर में, Divi's Laboratories, Dr. Reddy's Laboratories, Cipla, और Lupin जैसी कंपनियां भी डायरेक्टरों के लिए इसी तरह की भुगतान संरचनाओं का पालन करती हैं, जिनमें शेयरहोल्डर की मंजूरी और रेगुलेटरी सीमाओं का ध्यान रखा जाता है।
निवेशकों की नज़र अब पोस्टल बैलेट और ई-वोटिंग के नतीजों पर टिकी होगी, जो 15 मई, 2026 तक स्पष्ट हो जाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या किडवई को दूसरा कार्यकाल मिलता है और क्या कंपनी को स्पेशल रेजोल्यूशन की ज़रूरत पड़ती है।
