आयकर विभाग (Income Tax Department) ने Fortis Hospitals Limited के लिए 27 मार्च 2026 को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत कंपनी पर 2024-25 के असेसमेंट ईयर (Assessment Year) के लिए ₹117.04 करोड़ का टैक्स बकाया बताया गया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका है।
कंपनी का अगला कदम
Fortis Hospitals Limited इस टैक्स डिमांड पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। कंपनी ने साफ किया है कि वे इस आदेश को चुनौती देने के लिए सभी कानूनी विकल्प तलाशेंगे, जिसमें अपील दाखिल करना या रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (rectification application) लगाना शामिल है।
वित्तीय प्रभाव
यह ₹117.04 करोड़ का टैक्स डिमांड Fortis Healthcare के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय बोझ बन सकता है। कंपनी का कहना है कि वे इस मामले को सुलझाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
Fortis Healthcare का कारोबार
Fortis Healthcare भारत में एक प्रमुख प्राइवेट सेक्टर हेल्थकेयर प्रोवाइडर है, जो अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों का एक बड़ा नेटवर्क चलाता है। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) 2024 में अपने प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) और रेवेन्यू (Revenue) में अच्छी ग्रोथ दर्ज की थी।
आगे क्या?
अगर कंपनी की अपील खारिज हो जाती है, तो ₹117.04 करोड़ का सीधा नकदी बहिर्वाह (cash outflow) कंपनी की वित्तीय सेहत और भविष्य की योजनाओं पर असर डाल सकता है। बता दें कि Fortis Healthcare हेल्थकेयर सेक्टर में Apollo Hospitals Enterprise Limited और Max Healthcare Institute Limited जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जो सभी नियामक जांच (regulatory oversight) के दायरे में आते हैं। निवेशकों की नजर अब कंपनी की अपील की रणनीति और किसी भी वित्तीय प्रोविज़न (provision) पर होगी।