यह ₹1,550 करोड़ का डेट तीन अलग-अलग इश्यू (Issue) में बंटा है: ₹500 करोड़, ₹500 करोड़, और ₹550 करोड़। सभी को 19 दिसंबर 2024 को इश्यू किया गया है और ये 19 दिसंबर 2029 को मैच्योर होंगे, यानि यह 5 साल का इंस्ट्रूमेंट है।
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह कदम उनकी वित्तीय संरचना (Financial Structure) को और मजबूत करेगा। यह प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटाने का एक तरीका है, जो पब्लिक इश्यू की तुलना में अक्सर अधिक सुगम होता है।
फाइनेंशियल ईयर 2024 के आंकड़ों के अनुसार, Fortis Healthcare का कुल कर्ज ₹1,300 करोड़ से ₹1,400 करोड़ के बीच था। यह नया ₹1,550 करोड़ का डेट या तो कुल उधार को बढ़ाएगा या पुरानी देनदारियों को चुकाने में मदद करेगा।
निवेशकों के लिए, इस खबर से कंपनी के कर्ज के एक महत्वपूर्ण हिस्से की लागत (7.7648% एनुअल कूपन रेट) और मैच्योरिटी की तारीख (2029) के बारे में स्पष्टता आई है। हालांकि, कूपन रेट के सालाना रीसेट (Annual Reset) होने के कारण, बाजार की ब्याज दरों में बदलाव के साथ कंपनी के इंटरेस्ट एक्सपेंसेस (Interest Expenses) में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
इस डेट से जुड़े प्रमुख जोखिमों (Risks) में इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव (Interest Rate Volatility) और 2029 में डेट को रिफाइनेंस (Refinance) या चुकाने की जरूरत शामिल है। कंपनी को अपनी आय और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को बनाए रखना होगा ताकि वह इन ब्याज भुगतानों को समय पर कर सके।
Fortis Healthcare के मुख्य प्रतिस्पर्धी, जैसे Apollo Hospitals Enterprise Ltd, Max Healthcare Institute Ltd, और Narayana Hrudayalaya Ltd, भी अपने विस्तार और परिचालन के लिए डेट फाइनेंसिंग का उपयोग करते हैं।