Dr Reddy's Laboratories के फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां पूरे साल का रेवेन्यू 3.2% बढ़कर ₹33,593 करोड़ रहा, वहीं चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी की प्रॉफ़िटेबिलिटी पर भारी मार पड़ी। टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 86% गिरकर सिर्फ ₹220 करोड़ रह गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो नेट प्रॉफिट में 24% की गिरावट आई और यह ₹4,285 करोड़ रहा। Q4 में रेवेन्यू में भी 11.6% की गिरावट देखने को मिली और यह ₹7,516 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों को डिविडेंड और बोर्ड में बदलाव
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए ₹8 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दिया जाएगा।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर, बोर्ड ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की पुनः नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। साथ ही, Deloitte Haskins & Sells LLP को अगले 5 साल के लिए स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, Sandeep Khandelwal को सीनियर मैनेजमेंट पर्सोनल के पद पर प्रमोट किया गया है और उन्हें मैनेजमेंट काउंसिल में शामिल किया गया है।
पिछले साल का प्रदर्शन और जोखिम
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में Dr Reddy's की ग्रोथ का मुख्य जरिया नॉर्थ अमेरिका और इंडिया का बिजनस रहा था। कंपनी ने स्ट्रैटेजिक अधिग्रहण (Acquisitions) और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स व बायोलॉजिक्स में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करके यह परफॉरमेंस हासिल की थी।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ बड़े जोखिम भी हैं। रूस और यूक्रेन जैसे इलाकों में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष (Geopolitical Conflicts) कंपनी की एसेट्स, जैसे कि रिसीवेबल्स और इनवेस्टमेंट्स की रिकवरी पर असर डाल सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी ने वैट (VAT) देनदारियों के लिए प्रोविजन्स भी बनाए हैं और नए लेबर कोड लागू होने से अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा है।
सेक्टर में कैसी रही बाकी कंपनियों की चाल?
फार्मा सेक्टर में बाकी कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Sun Pharmaceutical Industries ने Q4 FY26 में 24% का प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया, जबकि Cipla के प्रॉफिट में 21% की गिरावट आई। वहीं, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (APIs) पर फोकस करने वाली Divi's Laboratories ने 48% की मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
अब निवेशकों की नजरें कंपनी के लिए कुछ अहम बातों पर रहेंगी। 23 जुलाई 2026 को होने वाली AGM में फाइनल डिविडेंड को मंजूरी मिलती है या नहीं, यह देखना होगा। इसके अलावा, मैनेजमेंट से Q4 में मुनाफे में आई भारी गिरावट की वजहों और FY27 के लिए कंपनी के आउटलुक को समझना भी जरूरी होगा। कंपनी के प्रमुख बाजार, खासकर नॉर्थ अमेरिका और उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रदर्शन, और भू-राजनीतिक कारकों का एसेट रिकवरी पर असर, ये सभी महत्वपूर्ण होंगे।
