क्यों आई प्रॉफिट में इतनी बड़ी गिरावट?
Dr. Reddy's के नतीजों पर नजर डालें तो इस तिमाही में प्रॉफिट में भारी गिरावट की मुख्य वजह कुछ एक बार के खर्चे (one-time charges) और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़े राइट-ऑफ (impairments) रहे। कंपनी ने बताया कि शेल्फ स्टॉक एडजस्टमेंट, R&D प्रोग्राम बंद होने से जुड़े एसेट इम्पेयरमेंट और प्रोविजन्स के चलते भारी खर्च हुए।
इसके अलावा, भारत में नए लेबर कोड (Labour Codes) लागू होने का असर भी देखने को मिला। FY26 में इसके चलते कंपनी के ऑपरेशनल खर्चों में ₹117 करोड़ (यानी 1,170 मिलियन) का अतिरिक्त इजाफा हुआ। इन एक बार के बड़े खर्चों के कारण कंपनी के असल ऑपरेशनल परफॉरमेंस का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है।
Q4 के नतीजे रहे बेहद निराशाजनक
फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में तो हालत और भी खराब रही। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11.6% घटकर ₹7,516.20 करोड़ रह गया। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 90% की भारी गिरावट आई और यह सिर्फ ₹199.10 करोड़ पर सिमट गया।
डिविडेंड का ऐलान
हालांकि, मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹8 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) का ऐलान किया है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। यह कदम कंपनी के भविष्य के कैश फ्लो पर भरोसा जताता है।
