कंपनी के नतीजों पर एक नज़र:
Dr. Reddy's Laboratories ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹33,593.30 करोड़ रहा, जो पिछले साल (FY25) के ₹32,551.90 करोड़ की तुलना में 3.2% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹4,285 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹3,913.60 करोड़ से बढ़ा है। इसके अलावा, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹7,659.50 करोड़ दर्ज किया गया।
बोर्ड की बैठक में बड़े फैसले:
नतीजों के साथ-साथ, कंपनी के बोर्ड ने कुछ अहम गवर्नेंस और लीडरशिप से जुड़े फैसले भी लिए हैं। डॉ. के. पी. कृष्णन और श्रीकांत वेल्लामाकन्नी को पांच साल के नए टर्म के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है। साथ ही, Deloitte Haskins & Sells, LLP को अगले पांच साल के लिए कंपनी का स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त किया गया है। संदीप खंडेलवाल को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल (Senior Management Personnel) के पद पर प्रमोट किया गया है। कंपनी की 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 23 जुलाई, 2026 को होगी।
डिविडेंड और शेयरहोल्डर वैल्यू:
शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने ₹8 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव रखा है, जिसे AGM में मंजूरी मिलने के बाद बांटा जाएगा। डायरेक्टर्स की दोबारा नियुक्ति से कंपनी को लंबी अवधि की योजनाओं में स्थिरता मिलने की उम्मीद है, और ऑडिटर की लंबी नियुक्ति वित्तीय पारदर्शिता को और मजबूत करेगी।
इंडस्ट्री में Dr. Reddy's की पोजीशन:
Dr. Reddy's का 3.2% का यह रेवेन्यू ग्रोथ रेट इंडस्ट्री के अन्य बड़े नामों जैसे Sun Pharmaceutical Industries और Cipla के 5-8% की ग्रोथ रेंज के अनुरूप है। यह भारतीय फार्मा सेक्टर में एक स्थिर, लेकिन प्रतिस्पर्धी माहौल को दर्शाता है, जहाँ कंपनियां अपने प्रोडक्ट पाइपलाइन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के जरिए मार्केट शेयर बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं।
