सालाना बढ़त, तिमाही में झटका: ये हैं Dr. Lal PathLabs के नतीजे
Dr. Lal PathLabs ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है। जहाँ कंपनी की सालाना कमाई में अच्छी ग्रोथ दिखी, वहीं चौथी तिमाही में प्रॉफिट पर असर पड़ा।
सालाना प्रदर्शन:
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) में, Dr. Lal PathLabs का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.11% की तेजी के साथ ₹2,864.20 करोड़ दर्ज किया गया। पूरे साल का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट मामूली 3.58% बढ़कर ₹509.80 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) की तस्वीर:
अगर चौथी तिमाही की बात करें, तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 15.64% की मजबूत बढ़ोतरी हुई और यह ₹726.70 करोड़ तक पहुँच गया। लेकिन, इसी दौरान कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 14.98% गिरकर ₹132.20 करोड़ पर आ गया।
प्रॉफिट गिरने की वजहें:
तिमाही नतीजों में प्रॉफिट की यह गिरावट मुख्य तौर पर एक खास वजह से आई। कंपनी पर नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के कारण ग्रेच्युटी (Gratuity) और लीव लायबिलिटी (Leave Liability) के प्रभाव को पूरा करने के लिए ₹30.1 करोड़ का एकमुश्त (one-time) चार्ज लगा। इसके अलावा, कंपनी के कंसोलिडेटेड खर्चों में सालाना आधार पर 12.17% की बढ़ोतरी हुई, जो रेवेन्यू ग्रोथ से थोड़ी ज्यादा रही।
शेयरधारकों को तोहफा: डिविडेंड का ऐलान
कंपनी ने इस तिमाही में शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹4 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। इसके साथ ही, पूरे वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर ₹20.5 का डिविडेंड दिया जाएगा, जो कंपनी की मजबूत कैश जनरेशन को दर्शाता है।
आगे क्या देखना होगा?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की डायग्नोस्टिक सेवाओं की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन नए लेबर कोड्स और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों का दबाव मार्जिन पर दिख सकता है। कंपनी आगे चलकर अपने नेटवर्क का विस्तार और सेवाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है, वहीं खर्चों को कंट्रोल करने की कोशिश भी जारी रहेगी।
Dr. Lal PathLabs की प्रतिस्पर्धा Metropolis Healthcare, SRL Diagnostics और Thyrocare Technologies जैसी कंपनियों से है। FY24 में Dr. Lal PathLabs का रेवेन्यू लगभग ₹2,381.2 करोड़ था, जो Metropolis Healthcare के ₹1,359.8 करोड़ से काफी ज्यादा था।
