महाराष्ट्र में अपनी पकड़ और मजबूत करने के इरादे से, Dr. Lal PathLabs ने शाहबाज़कर्स डायग्नोस्टिक सेंटर प्राइवेट लिमिटेड (SDCPL) में 100% हिस्सेदारी हासिल करने का फैसला किया है। इस अधिग्रहण के लिए कंपनी ₹20 करोड़ तक खर्च करेगी। SDCPL, जिसने FY26 में ₹6.11 करोड़ का रेवेन्यू कमाया था, इस डील के पूरा होने से मुंबई और महाराष्ट्र के प्रमुख बाजारों में Dr. Lal PathLabs की पैठ बढ़ेगी। उम्मीद है कि यह सौदा 31 मई 2026 तक पूरा हो जाएगा।
कंपनी सिर्फ घरेलू विस्तार पर ही नहीं रुकी है; इसने यूएई (UAE) के Dubai में एक नई सब्सिडियरी (subsidiary) स्थापित करने की भी योजना बनाई है। यह कदम स्ट्रेटेजिक डायग्नोस्टिक इन्वेस्टमेंट्स (strategic diagnostic investments) पर ध्यान केंद्रित करेगा और कंपनी के लिए अंतरराष्ट्रीय ग्रोथ के नए रास्ते खोलेगा।
शेयरधारकों को रिटर्न देने के क्रम में, बोर्ड ने ₹4 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (dividend) की सिफारिश की है। यह डिविडेंड शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा, जिसकी वोटिंग 25 जुलाई 2026 को होने वाली AGM (Annual General Meeting) में होगी।
कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (growth strategy) लगातार एक्विजिशन (acquisition) और ऑर्गेनिक ग्रोथ पर आधारित रही है। 2021 में Suburban Diagnostics को ₹650 करोड़ में खरीदना इसी का एक उदाहरण है। Dubai में सब्सिडियरी खोलना कंपनी के ग्लोबल डायवर्सिफिकेशन (global diversification) की दिशा में एक महत्वपूर्ण अगला कदम माना जा रहा है।
FY26 में ₹27,629 मिलियन यानी ₹2,762.9 करोड़ के रेवेन्यू के साथ, Dr. Lal PathLabs अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे निकल गया है। इसके मुकाबले, Metropolis Healthcare का रेवेन्यू लगभग ₹1,230 करोड़, Vijaya Diagnostic Centre का ₹1,016 करोड़, और Krsnaa Diagnostics का ₹770 करोड़ रहा। यह बड़ा स्केल कंपनी को ऑपरेशनल फायदे देता है।
हालांकि, भारतीय डायग्नोस्टिक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा, रेगुलेटरी बदलाव और प्राइसिंग प्रेशर (pricing pressure) जैसी चुनौतियां भविष्य में ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों को डिविडेंड की मंजूरी, SDCPL अधिग्रहण का पूरा होना और Dubai सब्सिडियरी के शुरुआती कदमों पर नजर रखनी चाहिए।
