Dev Labtech Venture Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में हुई मीटिंग में कंपनी की कॉरपोरेट स्ट्रक्चर (Corporate Structure) को मज़बूत करने और मार्केट में अपनी स्थिति बेहतर बनाने के लिए कई अहम फाइनेंशियल फैसले लिए हैं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य शेयरधारकों को वैल्यू देना, स्टॉक की ट्रेडिंग को आसान बनाना और भविष्य के विकास को गति देना है।
प्रस्तावित ₹10 करोड़ की कैपिटल ह़ाइक के बाद Dev Labtech की ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल ₹15 करोड़ से बढ़कर ₹25 करोड़ हो जाएगी। इससे कंपनी को भविष्य में फंड जुटाने या रणनीतिक कैपिटल एलोकेशन (Strategic Capital Allocation) के लिए ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
इसके अलावा, कंपनी 1:2 के रेशियो में स्टॉक स्प्लिट करेगी, जिससे हर इक्विटी शेयर का फेस वैल्यू (Face Value) ₹10 से घटकर ₹5 हो जाएगा। इसका मकसद शेयर को ज़्यादा निवेशकों के लिए सुलभ बनाना और ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) बढ़ाना है। वहीं, 1:1 बोनस शेयर इश्यू (Bonus Share Issue) के ज़रिए मौजूदा शेयरधारकों को उनकी होल्डिंग दोगुनी करने का मौका मिलेगा, जिसे कंपनी अपने रिजर्व (Reserves) से पूरा करेगी। मार्च 2025 तक कंपनी के रिजर्व ₹29.00 करोड़ थे, जबकि इस बोनस इश्यू के लिए करीब ₹11.86 करोड़ की ज़रूरत होगी।
ग्रोथ पहलों को फंड करने के लिए, Dev Labtech स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) से ₹7.44 करोड़ का टर्म लोन हासिल करने की योजना बना रही है। यह लोन कंपनी को एक्सपेंशन (Expansion), ऑपरेशंस को अपग्रेड (Operations Upgrade) या नई स्ट्रैटेजीज़ (Strategic Development) में निवेश करने में मदद कर सकता है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी बड़े कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Actions) शेयरधारकों की मंज़ूरी पर निर्भर करते हैं, जिसके लिए पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) के ज़रिए वोटिंग की जाएगी। शेयरधारकों की सहमति मिलने के बाद ही कंपनी आगे की ज़रूरी रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliances) पूरी करेगी। अनुमान है कि स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू का काम 25 मई, 2026 तक पूरा हो जाएगा।
Dev Labtech हेल्थकेयर और मेडिकल इक्विपमेंट सेक्टर में काम करती है, और इसके इंडस्ट्री पीयर्स (Industry Peers) में Molbio Diagnostics Ltd और BPL Medical Technologies Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं।
