Corona Remedies के FY26 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Corona Remedies ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹185.12 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 23.88% अधिक है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.59% बढ़कर ₹1,413.83 करोड़ रहा।
डिविडेंड का ऐलान और चिंताएं
इन शानदार नतीजों के बीच, कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का भी ऐलान किया है। यह फेस वैल्यू का 100% है। हालांकि, नतीजों के साथ-साथ कंपनी के शॉर्ट-टर्म बोर्रोइंग्स (Short-term Borrowings) में बड़ी बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मार्च 2026 तक, ये उधार ₹46.70 करोड़ से बढ़कर ₹142.86 करोड़ हो गए हैं।
चौथी तिमाही के नतीजे
फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 21.04% बढ़कर ₹357.20 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹45.33 करोड़ दर्ज किया गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, नेट प्रॉफिट 23.88% बढ़कर ₹185.12 करोड़ हुआ, जबकि अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹30.27 तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹24.43 था।
कंपनी के लिए आगे क्या?
यह कंपनी की लिस्टिंग के बाद पहली पूरी साल की परफॉर्मेंस है। डबल-डिजिट ग्रोथ कंपनी की क्षमता को दर्शाती है। वहीं, शॉर्ट-टर्म डेट में हुई यह बड़ी बढ़ोतरी निवेशकों के लिए एक अहम चिंता का विषय बनी रहेगी, जिस पर कंपनी को आगे चलकर ध्यान देना होगा। नए लेबर कोड के कारण कंपनी पर ₹19.10 करोड़ का एक एक्सेप्शनल चार्ज (Exceptional Charge) भी लगा है।
