लीडरशिप में बड़ा उलटफेर
27 अप्रैल 2026 को हुई Cohance Lifesciences की बोर्ड मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। विवेक शर्मा 30 अप्रैल 2026 से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और डायरेक्टर पद से हट जाएंगे। हालांकि, वे अगले नौ महीने तक एक स्पेशल एडवाइजर के तौर पर कंपनी को स्मूथ ट्रांजिशन में मदद करते रहेंगे। वहीं, 1 मई 2026 से उमंग वोहरा एडिशनल डायरेक्टर, चेयरमैन और ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर का पद संभालेंगे। उनकी CEO के तौर पर नियुक्ति 20 मई 2026 से पांच साल के लिए प्रभावी होगी।
उमंग वोहरा का अनुभव और विजन
उमंग वोहरा, जो पहले Cipla के MD और ग्लोबल CEO रह चुके हैं, अपने साथ फार्मा इंडस्ट्री का गहरा अनुभव लेकर आए हैं। उनके ग्लोबल ऑपरेशंस, इनोवेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में महारत हासिल है, जिससे कंपनी को उम्मीद है कि वे कंपनी के रणनीतिक विकास और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को नई दिशा देंगे।
ESOP को मंजूरी, शेयर डाइल्यूशन का डर
लीडरशिप बदलाव के साथ-साथ, बोर्ड ने 'Cohance Lifesciences Limited Employee Stock Option Plan, 2026' को भी मंजूरी दे दी है। इस प्लान के तहत कंपनी अपने कर्मचारियों को 2,59,18,613 स्टॉक ऑप्शंस दे सकती है। कंपनी का अनुमान है कि अगले 7.5 साल में कुल 7.75% तक का शेयर डाइल्यूशन (dilution) हो सकता है। हर ऑप्शन का न्यूनतम एक्सरसाइज प्राइस ₹325 रखा गया है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और चुनौतियां
Cohance Lifesciences एक एकीकृत ग्लोबल CDMO प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है, जिसने RA Chem Pharma, ZCL Chemicals, Avra Laboratories और NJ Bio जैसी कंपनियों को एक्वायर किया है। पहले यह Suven Pharmaceuticals Limited के नाम से जानी जाती थी।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। मिस्टर वोहरा की चेयरमैन और ग्रुप CEO के तौर पर नियुक्ति के लिए शेयरधारकों और रेगुलेटरी अप्रूवल की जरूरत होगी। ESOP प्लान को भी ऐसी ही मंजूरी चाहिए। शेयरधारकों को अगले 7.5 साल में 7.75% तक के शेयर डाइल्यूशन का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी की तेलंगाना फैसिलिटी में US FDA की तरफ से छह ऑब्जर्वेशन वाली एक फॉर्म 483 रिपोर्ट आई थी, और प्रमोटर के शेयर्स पर काफी बड़ा प्लेज (pledge) भी है। कुछ एनालिस्ट्स ने निगेटिव फाइनेंशियल ट्रेंड और वैल्यूएशन की चिंताओं के चलते 'Sell' रेटिंग भी दी है।
