Cohance Lifesciences लिमिटेड के FY26 के नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 13% घटकर ₹22.68 बिलियन रहा। इस गिरावट की मुख्य वजहें इन्वेंटरी डी-स्टॉकिंग (inventory destocking) और साइट पर आई ऑपरेशनल दिक्कतें रहीं। खास तौर पर, दो मुख्य मॉलिक्यूल्स की इन्वेंटरी कम करने से लगभग ₹260 करोड़ का असर पड़ा, वहीं नचाराम साइट पर आई दिक्कतों से ₹610 मिलियन का नुकसान हुआ।
इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने अपने कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA मार्जिन को 21% पर बरकरार रखा। वहीं, स्टैंडअलोन मार्जिन 24.6% तक पहुंचे, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाते हैं।
कंपनी अब एक साइंस-लेड प्लेटफॉर्म बनने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, खासकर हाई-वैल्यू वाले क्षेत्रों जैसे एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स (ADCs) और ओलिगोन्यूक्लियोटाइड्स (oligonucleotides) में। इस बदलाव का मकसद कुछ प्रमुख मॉलिक्यूल्स पर निर्भरता कम करना और कस्टमर बेस को और मजबूत बनाना है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) की दूसरी छमाही (H2 FY27) तक कंपनी में रिकवरी दिखेगी।
Cohance Lifesciences, जो पहले Strides Pharma Science के नाम से जानी जाती थी, अपने कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) बिजनेस को और मजबूत कर रही है। NJ Bio के अधिग्रहण ने एडवांस्ड बायोलॉजिक्स में कंपनी की क्षमताओं को बढ़ाया है। कंपनी ने गवर्नेंस सुधारों और स्ट्रेटेजिक दिशा के लिए Cipla के पूर्व अधिकारी Umang Vohra को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और ग्रुप सीईओ नियुक्त किया है।
FY27 के लिए कंपनी ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) को बढ़ाकर ₹3 बिलियन करने की योजना बनाई है, ताकि ADCs और ओलिगोन्यूक्लियोटाइड्स जैसी एडवांस्ड केमिस्ट्रियों के लिए कैपेसिटी बढ़ाई जा सके। मौजूदा ₹2.15 बिलियन के FY26 के capex से यह एक महत्वपूर्ण वृद्धि है।
भविष्य की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। मध्य पूर्व में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण Q1 FY27 में फ्रेट और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से ग्रॉस मार्जिन पर 100-150 बेसिस पॉइंट का असर पड़ने की आशंका है। FY27 का आउटलुक दूसरी छमाही पर ज्यादा केंद्रित है, जिससे पहली छमाही में एग्जीक्यूशन रिस्क बना हुआ है। कंपनी ऐतिहासिक रूप से कुछ चुनिंदा मॉलिक्यूल्स पर निर्भर रही है, जिसने हालिया रेवेन्यू अस्थिरता में योगदान दिया है। NJ Bio में एडवांस्ड बायोलॉजिक्स के लिए किया गया निवेश पूरी तरह से लाभप्रदता में बदलने में लगभग दो साल का समय ले सकता है।
Cohance Lifesciences का मुकाबला Laurus Labs Ltd., Divi's Laboratories Ltd., Syngene International Ltd., और Gland Pharma Ltd. जैसी कंपनियों से है। जहां Divi's API मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत है और Syngene कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च में आगे है, वहीं Cohance एडवांस्ड CDMO सर्विसेज में अपनी खास जगह बना रही है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- FY26 कुल रेवेन्यू (कंसोलिडेटेड): ₹22.68 बिलियन
- FY26 कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA मार्जिन: 21%
- FY26 स्टैंडअलोन मार्जिन: 24.6%
- FY27 के लिए नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर: ₹3 बिलियन
- FY26 कैपिटल एक्सपेंडिचर: ₹2.15 बिलियन
निवेशकों के लिए खास बातें:
- निवेशकों को Q1 FY27 के नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए, जिसे 'बॉटमिंग आउट फेज' कहा जा रहा है।
- FY27 की दूसरी छमाही में कंपनी के ग्रोथ की वापसी के संकेतों पर ध्यान दें।
- FY27 के लिए नियोजित ₹3 बिलियन के capex के सही इस्तेमाल पर नजर रखें।
- नए कमर्शियल लॉन्च, कस्टमर डाइवर्सिफिकेशन और NJ Bio की लाभप्रदता में सुधार पर नजर रखें।
- नए नेतृत्व में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और सूचना प्रवाह को मजबूत करने की दिशा में प्रगति का आकलन करें।