Insolvency के बाद नए सिरे से शुरुआत
यह लिस्टिंग Cian Healthcare के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कंपनी के पुनरुद्धार (revival) की ओर इशारा करता है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा मंजूर किए गए रेज़ोल्यूशन प्लान के तहत यह सब संभव हुआ है. अब कंपनी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है.
कंपनी का Insolvency से सफर
फार्मा और न्यूट्रास्यूटिकल बनाने वाली Cian Healthcare, जून 2024 में एक ऑपरेशनल क्रेडिटर के क्लेम के चलते कॉर्पोरेट इन्solvency रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में चली गई थी. NCLT मुंबई बेंच ने 18 दिसंबर, 2025 को मिस्टर प्रदीप कुमार जैन द्वारा पेश किए गए रेज़ोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी, जिसमें ₹37.30 करोड़ का सेटलमेंट शामिल था.
इस प्लान का एक अहम हिस्सा शेयर कैपिटल में बड़ा बदलाव था. मौजूदा प्रमोटर शेयर्स को रद्द कर दिया गया और पब्लिक शेयरहोल्डिंग को कम कर दिया गया. इसके बाद, प्रोस्पेक्टिव प्रमोटर्स को ₹23.75 करोड़ में 2.375 करोड़ नए इक्विटी शेयर्स जारी किए गए. इससे कंपनी की शेयर कैपिटल ₹1.25 करोड़ से बढ़कर ₹25.00 करोड़ हो गई.
इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद, प्रमोटर ग्रुप की कंपनी में कुल हिस्सेदारी 95% तक पहुंच गई है.
आगे क्या उम्मीद करें?
- ट्रेडिंग फिर से शुरू: शेयर लिस्ट होने के लिए तैयार हैं, जिससे एक्सचेंज की बाकी फॉर्मेलिटीज पूरी होते ही ट्रेडिंग शुरू हो सकेगी.
- प्रमोटर का कंट्रोल: प्रमोटर ग्रुप अब 95% की बड़ी हिस्सेदारी के साथ कंपनी के नियंत्रण में होगा.
- पुनरुद्धार का दौर: यह इन्solvency से बाहर निकलने का एक औपचारिक संकेत है, और कंपनी अब ऑपरेशनल रिकवरी पर ध्यान केंद्रित कर सकती है.
- शेयरहोल्डर डाइल्यूशन: संभवतः मौजूदा पब्लिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी इस रेज़ोल्यूशन प्रोसेस के दौरान काफी कम हो गई होगी.
ध्यान देने योग्य जोखिम
- SEBI का अनुपालन: BSE लिस्टिंग की मंजूरी के 7 वर्किंग डेज के भीतर ट्रेडिंग अप्रूवल के लिए आवेदन न करने पर SEBI द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है.
- गवर्नेंस: 95% की प्रमोटर होल्डिंग गवर्नेंस संबंधी चिंताएं पैदा कर सकती है और पब्लिक फ्लोट को कम कर सकती है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी.
- ऑपरेशनल परफॉरमेंस: CIRP के बाद कंपनी की रिवाइवल स्ट्रैटेजी को लागू करने और लाभ कमाने की क्षमता एक प्रमुख चुनौती बनी रहेगी.
