IPO एडवाइजरी विवाद पर कोर्ट का हस्तक्षेप
यह मामला Neomile Corporate Advisory Limited की ओर से IPO advisory सेवाओं के एवज में किए गए ₹29.2 करोड़ के दावे से जुड़ा है। Gaudium IVF इस दावे को बेबुनियाद बताते हुए इसका विरोध कर रही है।
कोर्ट ने नियुक्त किया आर्बिट्रेटर
बॉम्बे हाई कोर्ट ने Neomile Corporate Advisory Limited द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए Hon'ble Mr. Justice Nitin Jamdar को दोनों पक्षों के बीच अनुबंध संबंधी इस मतभेद को सुलझाने के लिए अकेले आर्बिट्रेटर के तौर पर नियुक्त किया है।
विवाद का असर और कंपनी की स्थिति
इस कोर्ट-ऑर्डर्ड आर्बिट्रेशन से विवाद को निपटाने के लिए एक औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। Gaudium IVF ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस विकास का कंपनी पर कोई तत्काल वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, आर्बिट्रेशन का नतीजा Neomile के दावे की वैधता और Gaudium IVF पर किसी भी संभावित वित्तीय देनदारी को तय करेगा।
कंपनी की वित्तीय सेहत
कंपनी की सितंबर 30, 2025 तक की वित्तीय स्थिति के अनुसार, कुल ₹22.51 करोड़ का कर्ज़ (borrowings) है। साथ ही, ₹44.99 करोड़ की बड़ी कॉन्टिजेंट लायबिलिटी (contingent liabilities) भी बताई गई है, जो इसके नेट वर्थ का लगभग 76.4% है।
