Aurobindo Pharma की सब्सिडियरी APL Healthcare को अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) से डायबिटीज की एक खास दवा, Dapagliflozin and Metformin Hydrochloride Extended-Release Tablets, के लिए फाइनल एप्रोवल मिल गया है। यह दवा AstraZeneca की Xigduo XR टैबलेट्स की तरह ही असरदार है और इसे APL Healthcare की यूनिट-IV फैसिलिटी में बनाया जाएगा। इस ग्रीन सिग्नल के साथ, Aurobindo अब अमेरिका में $514 मिलियन के विशाल मार्केट में कदम रखने के लिए तैयार है, जो फरवरी 2026 तक के 12 महीनों के डेटा पर आधारित है।
180 दिनों की एक्सक्लूसिविटी का बड़ा फ़ायदा
इस दवा के लिए Abbreviated New Drug Application (ANDA) फाइल करने वाले शुरुआती आवेदकों में से एक होने के नाते, Aurobindo Pharma को 180 दिनों की शेयर्ड जेनेरिक ड्रग एक्सक्लूसिविटी (Shared Generic Drug Exclusivity) का लाभ मिलेगा। यह एक्सक्लूसिविटी कंपनी को प्रतिस्पर्धी अमेरिकी बाजार में अपनी खास जगह बनाने का अहम मौका देगी।
U.S. जेनेरिक मार्केट में मजबूत पकड़
यह एप्रोवल Aurobindo Pharma के लिए U.S. जेनेरिक ड्रग मार्केट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह दवा टाइप 2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होगी, जिसकी वजह से इस प्रोडक्ट में भारी रेवेन्यू पोटेंशियल है। कंपनी के 579 US FDA-अप्रूव्ड प्रोडक्ट्स की कुल संख्या में यह एक और इज़ाफ़ा है।
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड
Aurobindo Pharma का USFDA एप्रोवल्स हासिल करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्ट्रेटेजिक फाइलिंग के ज़रिए अपने प्रोडक्ट पाइपलाइन को लगातार बढ़ाती रहती है। इससे पहले भी कंपनी अमेरिका में Metformin Hydrochloride Extended-Release Tablets (2012) और Saxagliptin Tablets (2023) जैसी डायबिटीज की दवाएं लॉन्च कर चुकी है।
मैन्युफैक्चरिंग पर नज़र, फिर भी मिली सफलता
हालांकि, इस बड़ी सफलता के साथ ही यह भी ध्यान देने वाली बात है कि हाल ही में Aurobindo Pharma की कुछ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज पर US FDA की नज़र रही है। फरवरी 2026 में, तेलंगाना की एक फॉर्मूलेशन यूनिट का इंस्पेक्शन हुआ था, जिसमें 11 प्रोसीजरल ऑब्ज़र्वेशन्स सामने आए थे। इसके बाद, मार्च 2026 में राजस्थान की एक सब्सिडियरी यूनिट को US FDA ने 'Official Action Indicated' (OAI) कैटेगरी में रखा था। जनवरी 2026 में हैदराबाद प्लांट को बैच फेलियर की जांच से जुड़े मुद्दों पर एक वार्निंग लेटर भी मिला था। कंपनी का कहना है कि ये ऑब्ज़र्वेशन्स प्रोसीजरल हैं और इनसे बिज़नेस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स पर लगातार ध्यान देना बाजार में बने रहने के लिए अहम है।
ज़ोरदार कॉम्पिटिशन का सामना
Aurobindo Pharma को इस बाजार में Dr. Reddy's Laboratories, Sun Pharmaceutical Industries, और Cipla जैसी बड़ी भारतीय फार्मा कंपनियों से कड़ी टक्कर मिलनी तय है। Dr. Reddy's ने अगस्त 2023 में Kombiglyze XR का जेनेरिक वर्जन लॉन्च किया था। Sun Pharma डायबिटीज की स्पेशियलिटी ड्रग्स पर काम कर रही है और Cipla भी डायबिटीज व वेट मैनेजमेंट सेगमेंट में अपने जेनेरिक पोर्टफोलियो को बढ़ा रही है।
Aurobindo Pharma का यह नया एप्रोवल कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव है, लेकिन भविष्य में मैन्युफैक्चरिंग कंप्लायंस और कॉम्पिटिटर्स से मुकाबला इन पर बारीकी से नज़र रखनी होगी।