Aster DM Healthcare: रेवेन्यू चमका, पर प्रॉफिट पर डिविडेंड का असर
Aster DM Healthcare के निवेशकों के लिए यह फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) मिलाजुला रहा। कंपनी ने FY26 में 12.2% की ग्रोथ के साथ ₹4,643.22 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो कि एक मजबूत प्रदर्शन है। लेकिन, ₹427.10 करोड़ का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले कम नजर आ रहा है।
मुनाफे में गिरावट की वजह?
इस प्रॉफिट (Profit) में गिरावट की मुख्य वजह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में GCC बिज़नेस की बिक्री से मिला बड़ा डिविडेंड (Dividend) है। पिछले साल इसी वजह से प्रॉफिट ₹5,569.96 करोड़ के एकमुश्त डिविडेंड के कारण असामान्य रूप से ज्यादा दिख रहा था। इसलिए, ₹427.10 करोड़ का यह प्रॉफिट असल में कंपनी के मौजूदा ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दर्शाता है।
Q4 के नतीजे
अगर चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) की बात करें, तो कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 18.20% बढ़कर ₹1,182.38 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान ₹153.58 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन परफॉरमेंस और फोकस
Standalone रेवेन्यू की बात करें तो FY26 में यह 12.72% बढ़कर ₹2,615.70 करोड़ रहा। कंपनी ने FY25 में अपने GCC ऑपरेशन्स को बेच दिया था ताकि वह भारत में अपने कारोबार पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सके। अब Aster DM Healthcare पूरी तरह से भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
मर्जर पर अपडेट
इसी दिशा में, Aster DM Healthcare Quality Care India Limited के साथ मर्जर (Merger) की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। Aster CMI Hospitals नेटवर्क चलाने वाली इस कंपनी के साथ मर्जर को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी का इंतजार है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस मर्जर से एक बड़ा और एकीकृत हेल्थकेयर प्लेयर उभरेगा।
अतिरिक्त खर्चे
FY26 में, कंपनी ने ₹89.92 करोड़ के एक्सेप्शनल लॉसेस (Exceptional Losses) और मर्जर संबंधी ₹16.82 करोड़ के वन-टाइम प्रोफेशनल फीस (One-time Professional Fees) का भी सामना किया, जिसने फिलहाल खर्चों को बढ़ाया है।
बैलेंस शीट की स्थिति
31 मार्च 2026 तक, कंपनी का कंसॉलिडेटेड टोटल इक्विटी (Consolidated Total Equity) ₹4,833.70 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 32.34% ज्यादा है। कंसॉलिडेटेड डेट ₹1,200 करोड़ और स्टैंडअलोन डेट ₹600 करोड़ था।
सेक्टर में तेजी
भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है। Apollo Hospitals, Fortis Healthcare, और Max Healthcare जैसे बड़े प्लेयर्स ने भी दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। Investors अब NCLT से मर्जर को हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कंपनी के भविष्य के ग्रोथ की राहें खुल सकती हैं।
