CRISIL Ratings की Monitoring Agency रिपोर्ट ने Amanta Healthcare Ltd के IPO फंड्स के इस्तेमाल पर अपनी जांच पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपने IPO से जुटाए ₹126 करोड़ के फंड्स ज्यादातर तय योजनाओं के मुताबिक ही इस्तेमाल किए हैं।
लेकिन, तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि कंपनी का एक बेहद महत्वपूर्ण SteriPort मैन्युफैक्चरिंग लाइन प्रोजेक्ट (SteriPort manufacturing line project) उम्मीद से काफी पीछे चल रहा है। इस प्रोजेक्ट पर अब तक केवल ₹47.66 करोड़ ही खर्च हुए हैं, जबकि मार्च 2026 तक ₹90 करोड़ खर्च होने का अनुमान था।
इस देरी की मुख्य वजहें सप्लायरों को भुगतान (supplier payments) और मशीनों की सप्लाई (machinery supplies) से जुड़े मामलों को अंतिम रूप देने में आ रही दिक्कतें बताई जा रही हैं।
पब्लिक फंड से शुरू हुए ऐसे अहम ग्रोथ प्रोजेक्ट्स (growth projects) में देरी का सीधा असर कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू (revenues) और प्रॉफिट (profit) की टाइमलाइन पर पड़ सकता है। इससे कंपनी की प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता पर सवाल उठते हैं और मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजिक गोल्स (strategic goals) हासिल करने की काबिलियत पर निवेशकों का भरोसा (investor confidence) भी हिल सकता है।
Amanta Healthcare फरवरी 2024 में IPO के जरिए ₹126 करोड़ जुटाए थे। इन पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से SteriPort प्रोजेक्ट, मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण (modernizing existing facilities) और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों (general corporate needs) के लिए होना था।
अब निवेशकों की निगाहें SteriPort प्रोजेक्ट की नई समय-सीमा (revised timelines) और देरी के कारणों पर टिकी होंगी। कंपनी पर सप्लायर पेमेंट और मशीनरी खरीद की दिक्कतों को जल्द सुलझाने का दबाव होगा। साथ ही, बिना इस्तेमाल हुए ₹52.47 करोड़ के IPO फंड्स का इस्तेमाल कैसे होगा, इस पर भी नजरें रहेंगी।
Steripport प्रोजेक्ट में हो रही देरी कंपनी की स्टराइल प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (sterile product manufacturing capacity) बढ़ाने की योजना में बाधा डाल सकती है, जिससे उसके मार्केट पोजीशन (market position) और रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) पर असर पड़ सकता है। Laurus Labs और Granules India जैसे Peers इसी सेक्टर में हैं, लेकिन वे ज्यादा बड़े और डायवर्सिफाइड हैं। IPO के बाद, Amanta Healthcare पर खास तौर पर SteriPort जैसी प्रमुख प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन (execution) को लेकर नजर रखी जा रही है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल IPO प्रोसीड्स (Gross IPO Proceeds): ₹126 करोड़
- उपयोग के लिए उपलब्ध नेट IPO प्रोसीड्स (Net IPO Proceeds): ₹103.15 करोड़
- SteriPort प्रोजेक्ट पर कुल खर्च (March 31, 2026 तक): ₹47.66 करोड़
- SteriPort प्रोजेक्ट के लिए अनुमानित खर्च (March 31, 2026 तक): ₹90 करोड़
- बिना इस्तेमाल हुए IPO प्रोसीड्स (Unutilized IPO Proceeds): ₹52.47 करोड़ (March 31, 2026 तक)
भविष्य में कंपनी की प्रोग्रेस रिपोर्ट (progress reports) और SteriPort प्रोजेक्ट की अपडेट्स पर निवेशकों को खास ध्यान देना होगा।