यह ट्रांसफर क्यों हो रहा है?
भारत सरकार के कंपनीज़ एक्ट, 2013 के सेक्शन 124(6) के तहत, Alembic Pharma को यह अनिवार्य प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। इसके तहत, जिन डिविडेंड्स को लगातार 7 सालों तक शेयरहोल्डर्स द्वारा क्लेम नहीं किया गया है, उन्हें IEPF में ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह नियम फाइनेंशियल ईयर 2018-2019 के बाद के उन डिविडेंड्स पर लागू होता है जो अभी तक क्लेम नहीं हुए हैं।
शेयरहोल्डर्स के लिए क्या है डेडलाइन?
सभी शेयरहोल्डर्स के लिए एक महत्वपूर्ण डेडलाइन तय की गई है - 10 अगस्त, 2026। यदि इस तारीख तक आप अपने अनक्लेम्ड डिविडेंड्स को क्लेम नहीं करते हैं, तो यह राशि और इससे जुड़े शेयर हमेशा के लिए IEPF में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। कंपनी ने 4 मई, 2026 को एक्सचेंजों को इस प्रक्रिया की जानकारी दी थी।
पैसे कैसे क्लेम करें?
यदि आपका डिविडेंड या शेयर पहले ही IEPF में ट्रांसफर हो चुका है, तो भी आप इसे वापस पा सकते हैं। इसके लिए आपको मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) पोर्टल के माध्यम से फॉर्म IEPF-5 भरकर जमा करना होगा। Alembic Pharma अपनी वेबसाइट पर भी इससे जुड़ी जानकारी और जरूरी फॉर्म्स उपलब्ध कराता है ताकि निवेशकों को क्लेम करने में आसानी हो।
क्या है जोखिम?
सबसे बड़ा जोखिम 10 अगस्त, 2026 की डेडलाइन को चूक जाना है। इसके बाद, फाइनेंशियल ईयर 2018-2019 से लेकर अब तक के सभी अनक्लेम्ड डिविडेंड्स और उनके संबंधित शेयर्स हमेशा के लिए IEPF में चले जाएंगे, और आप उन्हें कभी क्लेम नहीं कर पाएंगे। इसलिए, अपने KYC डिटेल्स को अपडेट रखना और समय पर क्लेम करना बहुत ज़रूरी है।
यह प्रक्रिया फार्मा सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Granules India, Marksans Pharma और Jubilant Pharmova भी अपना रही हैं, ताकि कंपनीज़ एक्ट, 2013 के नियमों का पालन किया जा सके।
