BSE ने Achyut Healthcare Limited को बड़ी राहत देते हुए कंपनी के ₹3.48 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू से 58 लाख इक्विटी शेयर लिस्ट करने की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन और शेयर कैपिटल को मजबूत करेगी। कंपनी ₹6 प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर ये शेयर जारी करेगी।
यह Achyut Healthcare के लिए फंड जुटाने का पहला मौका नहीं है। इससे पहले, अगस्त 2023 में कंपनी ने ₹11.90 प्रति शेयर के भाव पर 20 लाख शेयर जारी करके ₹2.38 करोड़ जुटाए थे। वहीं, जनवरी 2023 में ₹22.50 प्रति शेयर के रेट पर 10 लाख शेयर बेचकर ₹2.25 करोड़ हासिल किए थे।
इस कैपिटल इन्फ्यूजन से Achyut Healthcare की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, जो भविष्य की ग्रोथ पहलों या वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकती है। लिस्टिंग के बाद, कंपनी का कुल पेड-अप शेयर कैपिटल बढ़ेगा और शेयरधारिता पैटर्न (Shareholding Pattern) भी अपडेट होगा। माना जा रहा है कि इससे लिक्विडिटी और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार होगा, जिससे कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को बेहतर ढंग से लागू कर सकेगी।
हालांकि, Achyut Healthcare के सामने कुछ कंप्लायंस रिस्क (Compliance Risks) भी हैं। अगर कंपनी लिस्टिंग प्रोसीजर का पालन नहीं करती है या शेयरधारिता पैटर्न को XBRL फाइलिंग के लिए समय पर जमा नहीं करा पाती है, तो उसे SEBI से जुर्माना भरना पड़ सकता है।
Achyut Healthcare फार्मास्युटिकल सेक्टर में काम करती है। इसी सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे Bliss GVS Pharma Ltd. और Alpa Laboratories Ltd. भी दवा उत्पादों के निर्माण और मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करती हैं और समान रेगुलेटरी माहौल में काम करती हैं।
अब कंपनी को BSE से इन नए लिस्ट हुए शेयरों के लिए ट्रेडिंग अप्रूवल (Trading Approval) प्राप्त करना होगा। साथ ही, NSDL और CDSL से इन शेयरों के डिपॉजिटरी सिस्टम में क्रेडिट होने और एडमिशन होने की पुष्टि का भी इंतजार है। एक महत्वपूर्ण कदम यह है कि लिस्टिंग अप्रूवल मिलने के सात वर्किंग डेज के भीतर BSE के साथ ट्रेडिंग अप्रूवल के लिए एप्लीकेशन फाइल करनी होगी। कंपनी अपनी रणनीति के आधार पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी लिस्टिंग अप्रूवल के लिए अप्लाई कर सकती है।
