FY26 में Abbott India की शानदार कमाई
Abbott India ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम ₹7,217.19 करोड़ रही, जो पिछले साल की तुलना में 7.97% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹1,552.02 करोड़ रहा, जो 9.73% की सालाना वृद्धि दर्शाता है। पूरे साल का प्रति शेयर आय (EPS) ₹730.36 दर्ज किया गया।
चौथी तिमाही के नतीजे
फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस तिमाही में टोटल इनकम 6.22% बढ़कर ₹1,785.10 करोड़ पर आ गई। वहीं, तिमाही नेट प्रॉफिट ₹394.93 करोड़ रहा, जिसका EPS ₹185.85 था।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी: ₹656 का डिविडेंड!
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को तोहफा देते हुए ₹656 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह कंपनी की मजबूत कमाई और शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
तिमाही नतीजों पर एक-एक बार की लागत का असर
चौथी तिमाही के नतीजों पर नए लेबर कोड्स (New Labour Codes) से संबंधित एक-एक बार की ₹18.10 करोड़ की लागत का असर पड़ा है। इस वजह से तिमाही ग्रोथ फुल- ईयर की तुलना में थोड़ी कम दिखी, लेकिन कंपनी की ओवरऑल परफॉरमेंस मजबूत बनी हुई है।
कंपनी की आर्थिक स्थिति और भविष्य की राह
Abbott India के पास मार्च 2026 के अंत तक ₹2,254.95 करोड़ की भारी नकदी (Cash and Bank Balances) मौजूद है, जो भविष्य के निवेश और विस्तार योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी अपने फार्मा, डायग्नोस्टिक्स और न्यूट्रिशन सेगमेंट पर फोकस बनाए हुए है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
भारतीय फार्मा सेक्टर में Abbott India का मुकाबला Sun Pharmaceutical Industries, Dr. Reddy's Laboratories और Cipla Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से है। हालांकि, Abbott India लगातार मुनाफे और डिविडेंड भुगतान के मामले में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशक अब नए लेबर कोड्स के भविष्य के लागत प्रभावों पर मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर नजर रखेंगे। आगामी तिमाहियों में प्रदर्शन के रुझान, डिविडेंड पॉलिसी, कैपिटल एलोकेशन, मार्केट शेयर और नए उत्पाद लॉन्च जैसे कारक महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
