Aarti Drugs का दमदार प्रदर्शन: FY26 में रेवेन्यू और प्रॉफिट में ग्रोथ
Aarti Drugs ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पूरे साल के लिए ₹2,565.31 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹2,360.15 करोड़ से करीब 8.70% ज्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹168.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹157.88 करोड़ की तुलना में लगभग 6.47% की बढ़त दर्शाता है।
स्टैंडअलोन नतीजे भी रहे मजबूत
स्टैंडअलोन (Standalone) बेसिस पर देखें तो, Aarti Drugs का रेवेन्यू FY26 में बढ़कर ₹2,260.39 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹2,107.89 करोड़ था। इसमें लगभग 7.23% की ग्रोथ आई है। इसी तरह, स्टैंडअलोन PAT भी ₹157.31 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹147.34 करोड़ से करीब 6.76% बढ़ा है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर जोर
नतीजों के साथ-साथ, कंपनी ने अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करते हुए M/s GMVP & Associates LLP को FY27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर और M/s Raman S. Shah & Co. को 1 अप्रैल, 2026 से तीन साल के लिए इंटरनल ऑडिटर के तौर पर फिर से नियुक्त किया है। यह कंपनी के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर निवेशकों को भरोसा देता है। इसके अलावा, बोर्ड की रिस्क मैनेजमेंट कमेटी (Risk Management Committee) का भी पुनर्गठन किया गया है।
कंपनी प्रोफाइल और API मार्केट
Aarti Drugs भारतीय फार्मा सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी है, जो एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (APIs), इंटरमीडिएट्स और स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने में माहिर है। API इंडस्ट्री एक काफी कॉम्पिटिटिव ग्लोबल मार्केट है, जहां कच्चे माल की कीमतें, रेगुलेटरी कंप्लायंस और प्राइसिंग प्रेशर का असर रहता है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना (Peer Performance)
FY26 के अंत तक के नतीजों के हिसाब से Aarti Drugs का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,565.31 करोड़ और PAT ₹168.10 करोड़ रहा। इसके मुकाबले, प्रमुख प्रतिस्पर्धियों (Peers) का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- Divi's Laboratories ने FY26 में करीब ₹9,387 करोड़ का रेवेन्यू और ₹4,271 करोड़ का PAT कमाया।
- Laurus Labs का FY26 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग ₹5,501 करोड़ और PAT ₹780 करोड़ रहा।
- Solara Active Pharma Sciences ने FY26 में ₹2,064 करोड़ का रेवेन्यू और ₹84 करोड़ का PAT रिपोर्ट किया।
आगे क्या? (Looking Ahead)
निवेशकों की नजर अब मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होगी, जिसमें वे भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स, कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और मार्केट आउटलुक पर बात करेंगे। आगामी क्वार्टर्स, खासकर Q1 FY27 के नतीजे कंपनी की ग्रोथ मोमेंटम को समझने में मदद करेंगे। ग्लोबल API रेगुलेटरी माहौल में होने वाले बदलाव भी कंपनी के एक्सपोर्ट पर असर डाल सकते हैं।