Waaree Energies: मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल! जिग्नेश राठौड़ बने नए CEO, अभिषेक पारेख बने CFO

ENERGY
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Waaree Energies: मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल! जिग्नेश राठौड़ बने नए CEO, अभिषेक पारेख बने CFO
Overview

Waaree Energies अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़े बदलाव कर रही है। कंपनी ने जिग्नेश राठौड़ को नया CEO और अभिषेक पारेख को CFO नियुक्त किया है, जो **21 मार्च, 2026** से प्रभावी होगा। यह फेरबदल अमित पैठणकर और सोनल श्रीवास्तव के कंपनी छोड़ने के बाद हुआ है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Waaree Energies में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन

Waaree Energies ने अपने शीर्ष प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। कंपनी ने जिग्नेश राठौड़ को होल-टाइम डायरेक्टर और नया CEO नियुक्त किया है, जबकि अभिषेक पारेख को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) बनाया गया है। ये दोनों नियुक्तियां 21 मार्च, 2026 से प्रभावी होंगी। यह कदम पूर्व CEO अमित पैठणकर और CFO सोनल श्रीवास्तव के कंपनी छोड़ने के बाद उठाया गया है।

नए अधिकारियों की टीम

इसके अलावा, कंपनी ने मुन्ना सिंह को डिप्टी सीएफओ और वरुण गोयल को प्रेसिडेंट – ग्रोथ एंड स्ट्रैटेजी के पद पर नियुक्त किया है। ये नियुक्तियां 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी। हालांकि, जिग्नेश राठौड़ की CEO के तौर पर औपचारिक नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी।

कंपनी की रणनीति और विस्तार योजना

ये कार्यकारी बदलाव भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के एक प्रमुख खिलाड़ी Waaree Energies के लिए एक नए चरण का संकेत देते हैं। नया नेतृत्व कंपनी की रणनीतिक दिशा और वित्तीय प्रबंधन का मार्गदर्शन करेगा, क्योंकि कंपनी अपनी महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इसमें नागपुर में 10 GW की नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ₹62 अरब का बड़ा निवेश भी शामिल है।

Waaree का बिज़नेस और नेतृत्व का सफर

Waaree Energies एक प्रमुख इंटीग्रेटेड न्यू एनर्जी कंपनी है, जो सोलर पीवी मॉड्यूल और सेल बनाने के साथ-साथ ईपीसी सेवाएं प्रदान करने के लिए जानी जाती है। जिग्नेश राठौड़, जो 2007 से Waaree से जुड़े हैं और उनके पास बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डॉक्टरेट की डिग्री है, पहले से ही CEO-डिजाइनेट के रूप में नामित थे। उनकी CEO के रूप में औपचारिक जिम्मेदारी 21 मार्च, 2026 से शुरू हो रही है, जो मूल रूप से 15 मई, 2026 तय थी।

मुख्य परिचालन बदलाव

नए नेतृत्व में जिग्नेश राठौड़ अपनी विस्तृत परिचालन विशेषज्ञता के साथ CEO की भूमिका संभालेंगे, और अभिषेक पारेख लगभग 20 साल के वित्तीय अनुभव के साथ नए CFO होंगे। डिप्टी CFO और प्रेसिडेंट – ग्रोथ एंड स्ट्रैटेजी जैसे पदों पर नई नियुक्तियां प्रमुख परिचालन क्षेत्रों को मजबूत करने पर कंपनी के फोकस को दर्शाती हैं। Waaree की जारी विस्तार परियोजनाएं, जैसे नागपुर की नई सुविधा, नई टीम के नेतृत्व में सुचारू रूप से जारी रहने की उम्मीद है।

संभावित चुनौतियाँ और जांच

नए नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण कदम जिग्नेश राठौड़ की CEO नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी हासिल करना है। Waaree Energies को अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (U.S. Customs and Border Protection) से सोलर टैरिफ चोरी के आरोपों को लेकर चल रही जांच का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप जुर्माने और निर्यात पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी के कर्मचारियों द्वारा SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग कोड उल्लंघन और 8.5 मिलियन रुपये के पूर्व जुर्माने के आदेश जैसे अनुपालन संबंधी मुद्दे भी रहे हैं।

प्रतिस्पर्धी माहौल

Waaree Energies भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में टाटा पावर सोलर, विक्रम सोलर और अडानी सोलर जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ये प्रतिद्वंद्वी भी सक्रिय रूप से अपने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं। सोलर मॉड्यूल और सेल मैन्युफैक्चरिंग पर Waaree का फोकस इस प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में अपनी बाजार स्थिति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य पड़ाव और भविष्य का फोकस

जिग्नेश राठौड़ का CEO कार्यकाल 21 मार्च, 2026 से 20 मार्च, 2031 तक 5 साल के लिए होगा। कंपनी नागपुर में अपनी 10 GW इंगोट और वेफर फैसिलिटी के साथ भी आगे बढ़ रही है, यह परियोजना मार्च 2026 में ₹62 अरब के निवेश के साथ घोषित की गई थी। निवेशक राठौड़ की नियुक्ति पर शेयरधारकों के वोट के परिणाम, नए नेतृत्व की रणनीतिक योजनाएं, अमेरिकी सीमा शुल्क जांच के घटनाक्रम और नागपुर संयंत्र जैसी प्रमुख विस्तार परियोजनाओं के निष्पादन पर नजर रखेंगे।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.