नतीजों पर एक नज़र
Waaree Energies ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 84% की जोरदार ग्रोथ के साथ ₹26,537 करोड़ पर पहुंच गया, जो कि FY25 के ₹14,400 करोड़ से काफी अधिक है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) 101% का शानदार उछाल दिखाते हुए ₹3,884 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि FY25 में यह आंकड़ा करीब ₹1,900 करोड़ था।
'Waaree 2.0' स्ट्रैटेजी और विस्तार
कंपनी अपनी 'Waaree 2.0' पहल के तहत पूरी तरह से इंटीग्रेटेड एनर्जी प्लेयर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मैन्युफैक्चरिंग लीडरशिप बनाए रखते हुए, कंपनी की वर्तमान मॉड्यूल कैपेसिटी 26 GW है और ऑपरेशनल सेल कैपेसिटी 5.4 GW है। आने वाले समय में 10 GW अतिरिक्त सेल कैपेसिटी जोड़ने की योजना है।
आक्रामक बैकवर्ड इंटीग्रेशन के प्रयासों में नागपुर में ₹6,200 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर के साथ 10 GW की इंगोट-वेफर फैसिलिटी और 2,500 TPD की PV ग्लास फैसिलिटी के लिए अप्रूवल शामिल है।
Q4 में मार्जिन पर दबाव और वर्किंग कैपिटल
FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में, मार्जिन पर कुछ दबाव देखा गया। चांदी और तांबे जैसी रॉ मैटेरियल की बढ़ती कीमतें, मध्य पूर्व के शिपिंग रूट में बाधाओं के कारण बढ़े फ्रेट कॉस्ट और सेल्स मिक्स में एक्सपोर्ट्स का कम योगदान इसकी वजहें रहीं। इसके चलते वर्किंग कैपिटल साइकिल 45 दिनों से बढ़कर लगभग 90 दिनों तक पहुंच गया, जिसका मुख्य कारण इन्वेंटरी का बड़ा जमावड़ा था।
US मार्केट और भविष्य का अनुमान
Waaree Energies रणनीतिक रूप से हाई-मार्जिन वाले क्षेत्रों जैसे बैटरी स्टोरेज और सोलर ग्लास में कदम रख रही है। कंपनी का ऑर्डर बुक ₹53,000 करोड़ से अधिक का है, जो मजबूत लॉन्ग-टर्म प्रोस्पेक्ट्स का संकेत देता है।
ट्रेड टैरिफ से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए, कंपनी US में 4.2 GW की मैन्युफैक्चरिंग की योजना बना रही है और उसे US Inflation Reduction Act (IRA) से लगभग $40 मिलियन का फायदा भी हुआ है।
FY27 के लिए मैनेजमेंट का अनुमान है कि कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA ₹7,000 करोड़ से ₹7,700 करोड़ के बीच रह सकता है।
ग्रोथ के लिए फंड जुटाना
आगे की बैकवर्ड इंटीग्रेशन और ग्रोथ पहलों को फंड करने के लिए, कंपनी ने ₹10,000 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है।
पीयर कंपैरिजन
Waaree की 84% की रेवेन्यू ग्रोथ FY26 में कई डाइवर्सिफाइड एनर्जी प्लेयर्स से बेहतर रही है। 26 GW मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के साथ, यह Tata Power Solar और Sterling and Wilson जैसी कंपनियों की तुलना में अग्रणी है।
हालांकि, लॉजिस्टिक्स में जारी बाधाएं, रॉ मैटेरियल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव और ट्रेड पॉलिसी में बदलाव जैसे जोखिमों पर नजर रखनी होगी।
