CAQM का एक्शन और TSPL की दलील
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने Vedanta की सब्सिडियरी Talwandi Sabo Power Limited (TSPL) को यह डायरेक्टिव जारी किया है। कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 को यह निर्देश मिलने की पुष्टि की है। यह कार्रवाई फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए कोयले के साथ फसल अवशेषों (Crop Residue) को मिलाकर बायोमास जलाने के नियमों का पालन न करने के आरोपों पर हुई है। TSPL ने Vedanta के माध्यम से बताया है कि वह CAQM के इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस मामले का उसके वित्तीय नतीजों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
नियम क्या कहते हैं?
यह जुर्माना 'पर्यावरण (थर्मल पावर प्लांट द्वारा फसल अवशेषों का उपयोग) नियम, 2023' के तहत लगाया गया है। इन नियमों के मुताबिक, कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स (TPPs) को कोयले के साथ कम से कम 5% बायोमास पेलेट्स मिलानी होती हैं। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, TPPs को ऐसे जुर्माने से बचने के लिए 3% से अधिक को-फायरिंग (co-firing) की ज़रूरत थी। CAQM इन नियमों को लेकर काफी सख्त है और कई बार गैर-अनुपालन पर शो-कॉज नोटिस भी जारी कर चुका है।
TSPL के बायोमास प्रयास और इंडस्ट्री पर असर
इस डायरेक्टिव से पहले, TSPL खुद बायोमास को-फायरिंग को बढ़ावा देने में लगी हुई थी। कंपनी ने खेतों के अवशेषों को ईंधन में बदलने के लिए एक प्लांट भी स्थापित किया था, जिसका मकसद पराली जलाने और प्रदूषण को कम करना था। यह पहल TSPL के बायोमास ब्लेंडिंग के लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयासों को दर्शाती है।
यह मामला भारत में थर्मल पावर प्लांट्स के लिए बढ़ती पर्यावरण अनुपालन की ज़रूरतों को उजागर करता है, खासकर वायु गुणवत्ता और कृषि अवशेष प्रबंधन के संबंध में। Vedanta के लिए, यह उसके विभिन्न व्यवसायों में पर्यावरण नियमों से निपटने की चुनौतियों को दर्शाता है। NTPC Limited, Tata Power Company Limited, और Adani Power Limited जैसे बड़े भारतीय पावर जेनरेटर भी इसी तरह की ज़रूरतों और जांच का सामना कर रहे हैं, और वे को-फायरिंग को लागू कर रहे हैं या ESG (Environmental, Social, and Governance) परफॉरमेंस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
