Torrent Power ने अपनी कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने अपनी तीन घाटे वाली सब्सिडियरी को ₹3 लाख की मामूली रकम में बेच दिया है। यह डील 30 मार्च, 2026 को पूरी हुई।
ये तीनों यूनिट्स Torrent Power की ही एक दूसरी सब्सिडियरी, Torrent Energy Storage Solutions Private Limited को बेची गई हैं। हर यूनिट की वैल्यू ₹1 लाख रखी गई है।
पिछले फाइनेंशियल ईयर में इन तीनों सब्सिडियरी का कंबाइंड नेट वर्थ ₹6 लाख नेगेटिव था, जो बताता है कि ये कंपनियां अच्छा परफॉर्म नहीं कर रही थीं। इस डील से Torrent Power अपने बिजनेस को स्ट्रीमलाइन कर रही है और खास तौर पर एनर्जी स्टोरेज जैसे नए और उभरते हुए सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
Torrent Power भारत के एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा नाम है, जो पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन में सक्रिय है। कंपनी तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। Torrent Energy Storage Solutions Private Limited, जिसे ये यूनिट्स बेची गई हैं, वह पम्प्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
इस कदम से कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर में थोड़ी आसानी आएगी। यह रणनीति का एक हिस्सा है ताकि स्पेशलाइज्ड एंटिटीज जैसे Torrent Energy Storage Solutions को मजबूत किया जा सके।
हाल के महीनों में Torrent Power को कुछ कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। जनवरी 2026 में, SEBI ने इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में कंपनी पर जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, मार्च 2026 में कंपनी को ₹189.42 करोड़ का बड़ा GST डिमांड ऑर्डर मिला है, जिसे कंपनी चुनौती देने का इरादा रखती है। मार्च 2025 में ₹23.2 मिलियन का इनकम टैक्स पेनल्टी भी दर्ज किया गया था।
एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनियां जैसे Tata Power, JSW Energy और Adani Power भी इसी तरह की स्ट्रैटेजी अपना रही हैं, जहां वे रिन्यूएबल एनर्जी में भारी निवेश कर रही हैं और अपने पोर्टफोलियो को मैनेज करने के लिए एसेट डिस्पोजल करती रहती हैं।
आगे चलकर, निवेशक Torrent Power की एनर्जी स्टोरेज और रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स में कैपिटल डिप्लॉयमेंट पर नजर रखेंगे। कंपनी अपने मुख्य बिजनेस में ऑपरेशनल एफिशिएंसी और फाइनेंशियल डिसिप्लिन बनाए रखने के प्रयासों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
