कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से मिली हरी झंडी!
टॉरेंट पावर लिमिटेड (Torrent Power Limited) को नभा पावर लिमिटेड (Nabha Power Limited) के अधिग्रहण के लिए कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से मंजूरी मिल गई है। यह अहम मंजूरी 7 अप्रैल 2026 को अधिसूचित की गई और यह एल एंड टी पावर डेवलपमेंट लिमिटेड (L&T Power Development Limited) से नभा पावर के 100% इक्विटी स्टेक और कनवर्टिबल इंस्ट्रूमेंट्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। टॉरेंट पावर ने मूल रूप से 16 फरवरी 2026 को इस डील का ऐलान किया था।
डील का रणनीतिक महत्व (Strategic Importance)
CCI से मिली यह हरी झंडी टॉरेंट पावर के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि कंपनी उत्तरी भारत में अपनी मार्केट पोजिशन को मजबूत करना चाहती है। नभा पावर के 1400 MW के थर्मल पावर एसेट का अधिग्रहण कंपनी के लिए तुरंत वैल्यू ऐड करेगा और टॉरेंट पावर की ऑपरेशनल कैपेसिटी को बढ़ाने की रणनीति के अनुरूप है। इससे कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी को भी मजबूती मिलेगी।
डील की पृष्ठभूमि और विक्रेता की रणनीति
टॉरेंट पावर ने फरवरी 2026 में ₹6,889 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू (EV) पर नभा पावर के अधिग्रहण पर सहमति जताई थी। नभा पावर पंजाब के राजपुरा में 1400 MW का सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट संचालित करती है, जिसे 2014 में कमीशन किया गया था। विक्रेता, एल एंड टी पावर डेवलपमेंट लिमिटेड, डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से बाहर निकलने और अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने की अपनी रणनीति के तहत नभा पावर में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है।
टॉरेंट पावर का बढ़ा हुआ ऑपरेशनल फुटप्रिंट
इस मंजूरी के साथ, टॉरेंट पावर को नभा पावर लिमिटेड पर पूरा ऑपरेशनल और स्ट्रेटेजिक कंट्रोल मिल जाएगा। नभा पावर के इंटीग्रेशन के बाद, कंपनी की कुल ऑपरेशनल जेनरेशन कैपेसिटी 5 GW से बढ़कर 6.4 GW हो जाएगी। इस कदम से टॉरेंट पावर उत्तरी भारत के महत्वपूर्ण पावर मार्केट में भी अपनी पैठ बनाएगी।
मुख्य शर्तें और आगे की राह
CCI की इस मंजूरी से जुड़े किसी विशेष जोखिम का विवरण फाइलिंग में नहीं दिया गया है। अधिग्रहण अभी भी सामान्य क्लोजिंग कंडीशंस (closing conditions) के अधीन है।
नभा पावर के प्रदर्शन के आंकड़े
मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) के लिए, नभा पावर लिमिटेड ने ₹4,866 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1,153 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया था। प्लांट ने 95.36% का उच्च अवेलेबिलिटी फैक्टर बनाए रखा।
