इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) और सोलर मैन्युफैक्चरिंग (Solar Manufacturing) सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा। कंपनी के EBITDA में इस तिमाही में 10% की बढ़त देखी गई, जो ₹4,216 करोड़ रहा। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए EBITDA 11% बढ़कर ₹16,090 करोड़ पर पहुंच गया।
हालांकि, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) इस साल 1% घटकर ₹63,681 करोड़ रहा, लेकिन बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और मजबूत मार्जिन के चलते प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Tata Power Renewables Limited (TPREL) ने FY26 में 2.5 GW की नई क्षमता को सफलतापूर्वक चालू किया, जिससे कंपनी का कुल रिन्यूएबल पोर्टफोलियो बढ़कर 11.6 GW हो गया है। कंपनी भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए ₹6,500 करोड़ के नए फोटोवोल्टिक इंगोट और वेफर प्लांट में निवेश किया जा रहा है।
शेयरधारकों (Shareholders) के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि मैनेजमेंट ने FY26 के लिए ₹2.50 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है, जो मैनेजमेंट के भविष्य के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
आगे की राह पर नजर डालें तो, मिनिस्ट्री ऑफ पावर (Ministry of Power) के निर्देशानुसार मुद्रा SPPA प्लांट (Mundra SPPA plant) का ऑपरेशन 30 जून, 2026 तक शुरू होना एक अहम पड़ाव होगा। इसके अलावा, कंपनी के डिस्ट्रिब्यूशन ऑपरेशन्स में रेगुलेटरी बदलावों और टैरिफ रिविजन पर नजर रखनी होगी।
Tata Power का मुकाबला NTPC, Adani Green Energy और JSW Energy जैसी बड़ी कंपनियों से है, लेकिन इसका इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल और बढ़ता हुआ सोलर मैन्युफैक्चरिंग वर्टिकल इसे एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाता है।
