नाम बदलेगा, बिजनेस मॉडल भी
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि वह अपना नाम बदलकर "Suryastone Integrated Renewable Corporation Limited" करने पर विचार कर रही है। यह नया नाम रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में कंपनी की नई पहचान को दर्शाएगा।
NCLT की मंजूरी से बड़ी डील
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी कैपिटल रिडक्शन (Capital Reduction) की योजना पर काम करेगी। इस प्रक्रिया के तहत, कंपनी लगभग 42,000 पूर्व पब्लिक शेयरहोल्डर्स को 5% शेयर जारी करेगी, जिनकी इक्विटी पहले खत्म कर दी गई थी।
असम में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट की तैयारी
इसके साथ ही, कंपनी असम में करीब 580.7 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने की योजना बना रही है। इस जमीन पर कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG), कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और बायो पलेट्स (Bio Pellets) प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी है। यह कंपनी के बिजनेस को रिन्यूएबल एनर्जी की ओर मोड़ने का एक बड़ा कदम है।
ट्रेडिंग सस्पेंशन जारी
यह सब तब हो रहा है जब कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंड (Suspended) है, जिसका मतलब है कि निवेशक इन शेयरों में कोई खरीद-बिक्री नहीं कर सकते। यह सस्पेंशन कंपनी की पिछली वित्तीय दिक्कतों और NCLT में चल रही समाधान प्रक्रिया का नतीजा है।
भविष्य की राह और चुनौतियां
Suryachakra Power का यह कदम भारत के बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़ने की ओर इशारा करता है। हालांकि, NCLT की देखरेख में काम करते हुए कंपनी को कई रेगुलेटरी मंजूरियां और फंड की व्यवस्था करनी होगी। असम में प्रोजेक्ट की सफलता जमीन अधिग्रहण, अप्रूवल और एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी। वहीं, निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता शेयर ट्रेडिंग सस्पेंशन का हटना है।