SRM Energy Limited ने जितेंद्र राजेंद्र पाटिल को नया कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर बनाया है, जो 1 मई, 2026 से पदभार संभालेंगे। मैनेजमेंट में हुए हालिया बदलावों के बीच, इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) को और पुख्ता करना है।
जितेंद्र राजेंद्र पाटिल के पास लिस्टेड कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट लॉ (Corporate Law) और कंप्लायंस (Compliance) में 6 साल से ज्यादा का अनुभव है। नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) ने उनकी विशेषज्ञता को इस अहम भूमिका के लिए उपयुक्त पाया है।
SRM Energy Limited, जिसे पहले Hitkari Fibres के नाम से जाना जाता था, मुख्य रूप से पावर जनरेशन का काम करती है। हालांकि, हाल के फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) शून्य रहा है और इसका नेट वर्थ (Net Worth) नेगेटिव है, जो इसके संचालन पर सवाल खड़े करता है। 31 मार्च, 2025 तक, कंपनी का नेट वर्थ ₹5.62 करोड़ नेगेटिव था।
कंपनी के प्रमोटर्स (Promoters) में भी हाल ही में बदलाव हुआ है। उमेश नरपतन चंद संघवी और सपना संघवी ने मार्च 2026 के आसपास नियंत्रण संभाला है। इसके साथ ही बोर्ड (Board) में फेरबदल और सेक्रेटरियल ऑडिटर्स (Secretarial Auditors) के इस्तीफे हुए हैं, जो नए मैनेजमेंट की नई गवर्नेंस फ्रेमवर्क (Governance Framework) स्थापित करने की मंशा को दर्शाते हैं। इससे पहले, पंकज गुप्ता कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर थे, जिन्होंने 16 मार्च, 2026 को पद छोड़ दिया था।
किसी भी लिस्टेड कंपनी के लिए कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह SEBI के नियमों का पालन, समय पर डिस्क्लोजर्स (Disclosures) और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिसेज (Corporate Governance Practices) सुनिश्चित करता है। यह नियुक्ति हालिया नेतृत्व बदलावों के बाद कंपनी की गवर्नेंस स्ट्रक्चर (Governance Structure) को फिर से बनाने के नए मैनेजमेंट के प्रयासों का समर्थन करती है।
SRM Energy अपनी सुस्त पड़ी ऑपरेशंस, शून्य रेवेन्यू, नेगेटिव नेट वर्थ और गोइंग कंसर्न (Going Concern) के रूप में जारी रहने की क्षमता को लेकर ऑडिटर की पिछली योग्य राय (Qualified Auditor Opinions) जैसे गंभीर जोखिमों का सामना कर रही है।
निवेशक नए अधिकारी पाटिल की नई भूमिका में प्रभावशीलता पर नजर रखेंगे। कंपनी की परिचालन बहाली की योजनाएं और रणनीतिक घोषणाएं महत्वपूर्ण होंगी। वित्तीय संकट को दूर करने और अपनी स्थिति सुधारने के प्रयासों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। नए सेक्रेटरियल ऑडिटर्स की नियुक्ति का भी इंतजार है।
