तिमाही नतीजों पर इंपेयरमेंट का असर
31 मार्च, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए SJVN Ltd के वित्तीय नतीजों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी ने ₹117.84 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। इस तिमाही के प्रदर्शन को ₹235.86 करोड़ के इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) ने काफी प्रभावित किया, जो कि पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान पहचाना गया एक महत्वपूर्ण चार्ज है।
सालाना ग्रोथ और डिविडेंड की घोषणा
तिमाही के नतीजे भले ही उम्मीद के मुताबिक न रहे हों, लेकिन SJVN ने पूरे वित्तीय वर्ष में दमदार प्रदर्शन किया है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में 39.87% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹4,722.81 करोड़ तक पहुंच गया। यह ग्रोथ कंपनी की बढ़ी हुई ऑपरेशनल कैपेसिटी (Operational Capacity) का नतीजा है। पूरे साल का नेट प्रॉफिट ₹641.85 करोड़ रहा। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹0.35 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) घोषित किया है, जिससे साल भर का कुल डिविडेंड ₹1.50 प्रति शेयर हो गया है।
प्रोजेक्ट्स को लेकर बड़े जोखिम
SJVN के भविष्य पर कुछ गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कंपनी के तीन प्रमुख हाइड्रो प्रोजेक्ट्स (Hydro Projects) को वापस लेने का इरादा जताया है। ये प्रोजेक्ट्स कंपनी की वर्तमान कमाई का एक बड़ा जरिया हैं। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश में स्थित इटालिन हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Etalin HEP) को लगातार हो रही देरी के कारण NHPC को ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे SJVN अपनी महत्वपूर्ण विस्तार योजनाओं से पीछे हट गया है।
कर्ज और नेट वर्थ का हिसाब
31 मार्च, 2025 तक SJVN पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर ₹27,132.44 करोड़ का उधार (Borrowings) है। इस भारी कर्ज के मुकाबले कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) ₹14,249.22 करोड़ है। प्रोजेक्ट्स की अनिश्चितता के बीच, निवेशक कंपनी के कर्ज प्रबंधन (Debt Management) की रणनीति पर बारीकी से नजर रखेंगे।
Peers से तुलना
अगर Peers की बात करें तो, NHPC Ltd भी हाइड्रो पावर पर केंद्रित है, लेकिन उसे राज्य सरकारों द्वारा प्रोजेक्ट्स को वापस लेने जैसे जोखिमों का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं, NTPC Ltd, जो भारत का सबसे बड़ा पावर जेनरेटर (Power Generator) है, उसका एनर्जी मिक्स (Energy Mix) ज्यादा विविध (Diversified) है और वह बड़े पैमाने पर काम करता है, इसलिए उसे इस तरह के विवादों का सीधा असर कम झेलना पड़ता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
भविष्य में, निवेशक SJVN की प्रतिक्रियाओं और हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रोजेक्ट्स पर दावे के संबंध में आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखेंगे। इटालिन HEP के ट्रांसफर से जुड़ी शर्तों और किसी भी संपत्ति हस्तांतरण (Asset Transfer) का विवरण भी महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की अपनी उच्च ऋण राशि को प्रबंधित करने की क्षमता और बदले हुए विकास पाइपलाइन (Growth Pipeline) के बीच प्रदर्शन भविष्य के लिए अहम होगा। SJVN के सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स में विस्तार भी उसकी diversification strategy का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।