SEAMEC Limited ने ONGC जैसे बड़े क्लाइंट से यह महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह डील MSV 'Samudra Prabha' नामक जहाज के ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) से जुड़ी है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹329.92 करोड़ है। यह कॉन्ट्रैक्ट 698 दिनों तक चलेगा और इसकी शुरुआत 26 मार्च 2026 को हुई है।
SEAMEC इस कॉन्ट्रैक्ट को 'Supreme Hydro Pvt Ltd' के साथ मिलकर पूरा करेगी। Supreme Hydro के पास मरीन, डाइविंग और इंजीनियरिंग सर्विसेज में काफी अनुभव है, खासकर ऑयल और गैस सेक्टर में।
इस नए सौदे से SEAMEC की ONGC के साथ पुरानी मज़बूत पार्टनरशिप और भी गहरी हुई है। यह कंपनी की ऑफशोर एनर्जी मार्केट में स्थिति को और मज़बूत करता है। ऐसे बड़े और लंबी अवधि वाले कॉन्ट्रैक्ट्स SEAMEC की ऑपरेशनल कैपेबिलिटी और भारत की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में योगदान को दर्शाते हैं।
साल 1986 में स्थापित SEAMEC, ऑफशोर ऑयलफील्ड सपोर्ट सर्विसेज की एक जानी-मानी प्रोवाइडर है। कंपनी के पास डाइविंग सपोर्ट वेसल्स (DSVs) और ऑफशोर सपोर्ट वेसल्स (OSVs) का एक फ्लीट है। ONGC के साथ SEAMEC का ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। मार्च 2026 में ही ONGC से MSV 'Samudra Sevak' के लिए ₹410.74 करोड़ का एक और डील मिली थी, और मार्च 2025 में ONGC के पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के लिए $5.61 मिलियन का सब-कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था। SEAMEC के जहाज 'SEAMEC II' का चार्टर भी ONGC द्वारा अगस्त 2026 तक बढ़ाया गया था।
हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस भी काफी मज़बूत दिख रही है। Q3 FY26 में, SEAMEC का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 137.74% बढ़कर ₹331.44 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 3100.6% की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए ₹99.62 करोड़ तक पहुंच गया। मार्च 2025 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी का रेवेन्यू ₹682 करोड़ था।
इस डील के तहत ऑपरेशनल सर्विसेज अवॉर्ड डेट के 60 दिनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
SEAMEC, ऑफशोर ऑयल और गैस सर्विसेज के कॉम्पिटिटिव सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख कॉम्पिटिटर्स में Dredging Corporation of India Ltd., Shipping Corporation of India Ltd., Jindal Drilling and Industries Ltd., और Asian Energy Services Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं।
SEAMEC के लिए एक मुख्य जोखिम यह है कि उसकी रेवेन्यू स्ट्रीम ONGC जैसे बड़े क्लाइंट्स से बड़े, लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने और उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने पर बहुत ज़्यादा निर्भर करती है। इसके अलावा, MSVs जैसे कॉम्प्लेक्स एसेट्स पर O&M का सफल निष्पादन, सीमलेस कोऑर्डिनेशन और सेफ्टी व ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स का कड़ाई से पालन करना ज़रूरी है।
आगे चलकर, इन्वेस्टर्स 60 दिनों की समय-सीमा के भीतर MSV 'Samudra Prabha' के लिए O&M सर्विसेज के शुरू होने पर करीब से नज़र रखेंगे। परफॉरमेंस एग्जीक्यूशन, टाइमलाइन का पालन, भविष्य में होने वाले नए कॉन्ट्रैक्ट्स और कंपनी के ओवरऑल फाइनेंशियल रिजल्ट्स इन्वेस्टर्स के लिए अहम रहेंगे।