Ravindra Energy FY26: प्रॉफिट तो आया, पर क्वार्टरली नतीजों से पीछे
Ravindra Energy Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 29 अप्रैल, 2026 को हुई मीटिंग में Financial Year 2026 (जो 31 मार्च, 2026 को खत्म हुआ) के लिए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दी। कंपनी ने FY26 के लिए ₹54.32 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹8.08 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया। वहीं, स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹10.72 करोड़ के रेवेन्यू से ₹1.04 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया गया।
प्रदर्शन में क्यों दिखी नरमी?
यह ध्यान देने वाली बात है कि FY26 की पिछली तिमाही नतीजों में कंपनी का प्रदर्शन कहीं बेहतर था। Q2 FY26 में ही कंपनी का रेवेन्यू ₹120.33 करोड़ और मुनाफा ₹30.79 करोड़ रहा था, जो साल के अंत के नतीजों से काफी ज्यादा है। इससे साल भर में प्रदर्शन की अस्थिरता का पता चलता है।
नए ऑडिटर नियुक्त, फंड के इस्तेमाल पर नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए M/s. P. G. Bhagwat LLP को इंटरनल ऑडिटर्स और M/s. A. G. Anikhindi & Co. को कॉस्ट ऑडिटर्स के तौर पर नियुक्त किया है। ये नियुक्तियां आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्वतंत्र फाइनेंशियल जांच सुनिश्चित करेंगी।
कंपनी का बिजनेस और फंड जुटाना
Murkumbi Group का हिस्सा Ravindra Energy, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करती है, खासकर सोलर पंप्स और पावर प्लांट्स पर फोकस है। कंपनी ने अक्टूबर 2024 में ₹180 करोड़ एक प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाए थे। इस फंड का इस्तेमाल रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट के विस्तार के लिए किया जाना है। India Ratings and Research फंड के इस्तेमाल पर नजर बनाए हुए है।
प्रमोटर की हिस्सेदारी में कमी
एक और अहम बात यह है कि मार्च 2026 में प्रमोटर Khandepar Investments ने अपनी हिस्सेदारी 34.64% से घटाकर 33.54% कर दी, यानी ₹244.69 करोड़ के शेयर बेचे।
निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?
निवेशकों को तिमाही नतीजों और साल के अंत के नतीजों के बीच प्रदर्शन में देखे गए बड़े अंतर पर ध्यान देना चाहिए। प्रमोटर की हिस्सेदारी घटने के बावजूद, Khandepar Investments अभी भी कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी रखती है। आगामी तिमाहियों में फंड के प्रभावी इस्तेमाल और ग्रोथ पहलों पर कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
