Financial Year 2026 के लिए RattanIndia Power ने ₹2,991.36 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) कमाया है, और इस पर ₹46.59 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी ने ₹787.69 करोड़ का रेवेन्यू और ₹41.45 करोड़ का PBT हासिल किया।
कंपनी के Amravati पावर प्लांट ने इस दौरान कमाल का प्रदर्शन किया। इसने 82.10% प्लांट लोड फैक्टर (PLF) और 87.88% प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (PAF) हासिल किया। ये आंकड़े प्लांट के कुशल संचालन और उत्पादन क्षमता को दर्शाते हैं। पावर एक्सचेंज से ₹16.38 करोड़ का रेवेन्यू भी कंपनी की कुल आय में शामिल है, जो महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के साथ 1200 MW पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) से होने वाली आय को और मजबूत करता है।
मगर, कंपनी के सामने कुछ बड़ी कानूनी चुनौतियां भी हैं। RattanIndia Power 'चेंज इन लॉ' (Change in Law) के दावों में फंसी हुई है, जो सरकारी नीतियों में बदलाव के कारण हुए खर्चों से जुड़े हैं। सबसे बड़ा मामला यह है कि MSEDCL ने सुप्रीम कोर्ट में एक सिविल अपील दायर की है। यह अपील अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें इन दावों के कुछ पहलुओं पर RattanIndia Power को राहत मिली थी। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना बाकी है।
इस सुप्रीम कोर्ट केस का नतीजा कंपनी की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर डाल सकता है। यह संभावित आकस्मिक देनदारियों (contingent liabilities) या लाभ का कारण बन सकता है। निवेशक इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
