आगामी घोषणा
Petronet LNG लिमिटेड ने 5 मई, 2026 को सुबह 11:30 AM IST पर एक कॉन्फ्रेंस कॉल का ऐलान किया है। इस कॉल में कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रही चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (audited financial results) पर चर्चा करेगी। यह कॉल शेयरधारकों के लिए बेहद खास है क्योंकि मैनेजमेंट FY25-26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश पर भी विचार करेगा।
हालिया प्रदर्शन (Q3 FY26)
हालिया प्रदर्शन की बात करें तो, दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) में Petronet LNG का कन्सॉलिडेटेड (consolidated) PAT ₹869.61 करोड़ और PBT ₹1,141.00 करोड़ रहा। इस तिमाही का रेवेन्यू (Revenue) ₹11,377.38 करोड़ था।
पिछला साल (FY25) का प्रदर्शन
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी का PAT ₹3,926 करोड़ रहा था, जो पिछले साल की तुलना में 11% अधिक था। पूरे FY25 के लिए कंपनी का PBT ₹5,275 करोड़ रहा।
पिछला साल (Q4 FY25) का प्रदर्शन
कंपनी की Q4 FY25 की PAT ₹1,070 करोड़ रही थी, जो उस तिमाही के लिए रिकॉर्ड था।
निवेशक किस पर नज़र रखेंगे
निवेशक खास तौर पर डिविडेंड (Dividend) की घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं। अगर डिविडेंड की सिफारिश को मंजूरी मिलती है, तो यह सीधे शेयरधारकों को फायदा पहुंचाएगा। इसके अलावा, 'यूज़ ऑर पे' (Use or Pay - UOP) ड्यूज़ भी एक अहम पहलू है जिस पर निवेशक नज़र रखेंगे।
जोखिम और चुनौतियाँ
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। ग्राहकों से ₹1,421.56 करोड़ के ग्रॉस 'यूज़ ऑर पे' (UOP) ड्यूज़ बाकी हैं, जिसमें से ₹469.15 करोड़ का प्रोविजन (provision) अलग रखा गया है। ये ड्यूज़ उन कॉन्ट्रैक्टेड ग्राहकों से जुड़े हैं जिन्होंने तय क्षमता से कम गैस का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, SEBI लिस्टिंग कंप्लायंस में देरी के लिए BSE और NSE को ₹3.48 लाख का जुर्माना भी भरना पड़ा है। FY22 के लिए ₹6.69 करोड़ का जीएसटी (GST) डिमांड ऑर्डर भी विचाराधीन है, जिसे कंपनी स्वीकार नहीं कर रही है।
प्रतिस्पर्धी माहौल
भारत के बढ़ते नेचुरल गैस मार्केट में, Petronet LNG का मुकाबला GAIL (India) Ltd, Indian Oil Corporation Ltd, Adani Total Gas Ltd, और Gujarat Gas जैसी कंपनियों से है। ये सभी कंपनियाँ भी इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में जुटी हैं।
