आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलावों को बड़ा झटका
PTC India की ओर से पोस्टल बैलेट के जरिए रखे गए 3 अहम प्रस्ताव, जो कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में संशोधन से जुड़े थे, उन्हें शेयरधारकों से जरूरी बहुमत नहीं मिल सका। डाले गए कुल वोटों में से लगभग 55.90% वोट इन प्रस्तावों के पक्ष में थे, लेकिन यह संख्या प्रस्तावों को पास कराने के लिए काफी नहीं थी। वहीं, करीब 45% शेयरधारकों ने इन बदलावों का विरोध किया। कुल 2,75,770 शेयरधारकों ने इस वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
4 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
हालांकि, कंपनी के 7 प्रस्तावों में से 4 को शेयरधारकों का भारी समर्थन मिला। इनमें 'प्रमोटर्स' (Promoters) की परिभाषा में बदलाव और चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) डॉ. मनोज कुमार झावर की नियुक्ति व उनके कार्यकाल से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। इन प्रस्तावों पर 99.96% से ज्यादा वोटर्स ने हामी भरी, जिससे ये आसानी से पास हो गए।
यह वोटिंग रिमोट ई-वोटिंग के जरिए 19 फरवरी से 20 मार्च, 2026 तक चली थी।
क्या होगा आगे?
इस नतीजे का मतलब है कि मैनेजमेंट की ओर से आर्टिकल्स 113, 129 और 133 में प्रस्तावित बदलाव लागू नहीं होंगे। कंपनी अपने मौजूदा आर्टिकल्स के तहत ही काम करती रहेगी। वहीं, प्रमोटर की परिभाषा और CMD डॉ. मनोज कुमार झावर के कार्यकाल में हुए बदलाव कंपनी में लागू किए जाएंगे।
बैकग्राउंड: मिनिस्ट्री का निर्देश और गवर्नेंस
दरअसल, यह पूरा मामला जनवरी 2026 में मिनिस्ट्री ऑफ पावर के एक निर्देश से जुड़ा है। इसका मकसद NTPC Limited को एकमात्र प्रमोटर बनाना और Power Finance Corporation (PFC), Power Grid Corporation of India (POWERGRID), और NHPC Limited जैसे मौजूदा प्रमोटरों को प्रमोटर स्टेटस से हटाना था। इन बदलावों के साथ CMD पद के बंटवारे (bifurcation) का भी प्रस्ताव था। PTC India Financial Services (PFS) में कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी पिछली समस्याओं के चलते इस क्षेत्र में संवेदनशीलता बनी हुई है।
शेयरधारकों का इन प्रमुख प्रस्तावों पर असहमति जताना, कंपनी के स्ट्रक्चरल बदलावों और गवर्नेंस को लेकर उनकी चिंताओं को साफ दिखाता है।
