POWERGRID InvIT के FY26 नतीजे: प्रति यूनिट ₹3 का डिविडेंड और ₹911.8 Cr का प्रॉफिट
POWERGRID Infrastructure Investment Trust (PGInvIT) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। 15 मई, 2026 को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में यह ऐलान किया गया।
इस फाइनेंशियल ईयर में, PGInvIT ने ₹12,580.28 मिलियन (₹1,258 करोड़) का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया। वहीं, कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹9,118.68 मिलियन (₹911.8 करोड़) रहा, जो कि निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है।
तिमाही डिविडेंड का बड़ा ऐलान
इसके साथ ही, ट्रस्ट ने Q4 FY26 के लिए प्रति यूनिट ₹3.00 के डिस्ट्रीब्यूशन का प्रस्ताव भी दिया है। इस भुगतान में ₹1.71 ब्याज (Interest) से, ₹0.41 टैक्सेबल डिविडेंड (Taxable Dividend) से, और ₹0.77 कैपिटल रीपेमेंट (Capital Repayment) के तौर पर शामिल हैं। 31 मार्च, 2026 तक PGInvIT की नेट एसेट वैल्यू (NAV) प्रति यूनिट ₹90.79 बताई गई है। Q4 डिस्ट्रीब्यूशन के लिए रिकॉर्ड डेट 20 मई, 2026 तय की गई है, और भुगतान 27 मई, 2026 तक यूनिटहोल्डर्स के खातों में आ जाएगा।
यूनिटहोल्डर्स के लिए क्या है मायने?
ये नतीजे यूनिटहोल्डर्स को ट्रस्ट के मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस और इनकम जेनरेट करने की क्षमता की स्पष्ट तस्वीर देते हैं। डिविडेंड, ब्याज और कैपिटल रीपेमेंट के मिश्रण वाला यह डिस्ट्रीब्यूशन, PGInvIT के पावर ट्रांसमिशन एसेट्स के पोर्टफोलियो से लगातार रिटर्न सुनिश्चित करता है।
PGInvIT और भारतीय InvIT मार्केट
PGInvIT, Power Grid Corporation of India Limited द्वारा समर्थित एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है। यह राष्ट्रीय पावर ग्रिड के लिए जरूरी बिजली ट्रांसमिशन एसेट्स का स्वामित्व और प्रबंधन करता है। भारत के तेजी से बढ़ते InvIT मार्केट में, PGInvIT India Grid Trust (IndiGrid) और IRB InvIT Fund जैसे अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। ये सभी ट्रस्ट अपने इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट पोर्टफोलियो से स्थिर डिस्ट्रीब्यूशन देने का लक्ष्य रखते हैं।
आगे क्या उम्मीद करें?
फिलहाल, नतीजों में किसी विशेष जोखिम का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, PGInvIT का प्रदर्शन पावर ट्रांसमिशन सेक्टर की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी और भारत के रेगुलेटरी माहौल पर निर्भर करेगा। निवेशक 27 मई, 2026 तक डिस्ट्रीब्यूशन पेमेंट की कन्फर्मेशन पर नज़र बनाए रखेंगे। इसके अलावा, PGInvIT के ट्रांसमिशन एसेट्स के भविष्य के प्रदर्शन, किसी भी नए अधिग्रहण या विस्तार की घोषणाओं, और इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्टों व पावर सेक्टर के रेगुलेटरी परिदृश्य में बदलाव पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।