Oil India Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू मामूली बढ़कर ₹37,049.55 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹36,163.75 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 7.2% बढ़कर ₹7,550.67 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹7,039.63 करोड़ था।
13 मई 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी गई। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर, कंपनी ने FY2025-26 के लिए ₹1 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी सुझाया है। सबसे अहम बात यह है कि बोर्ड ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने वाली एक नई कंपनी के लिए ज्वाइंट वेंचर (JV) एग्रीमेंट को भी हरी झंडी दे दी है।
यह कदम Oil India को क्लीनर फ्यूल्स की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए तैयार करता है और देश के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों के साथ भी तालमेल बिठाता है। कंपनी अपनी ऊर्जा पोर्टफोलियो को पारंपरिक तेल और गैस से आगे बढ़ाकर क्लीनर विकल्पों में भी फैला रही है।
हालांकि, कंपनी को जीएसटी (GST) रॉयल्टी पेमेंट्स पर विवादित डिमांड को लेकर मुकदमेबाजी का जोखिम बना हुआ है। कंपनी ने इन विवादित राशियों के लिए ₹4,753.77 करोड़ का प्रोविजन किया है, जिसमें ब्याज भी शामिल है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी ने विरोध स्वरूप ₹1,264.45 करोड़ जमा कराए हैं।
निवेशकों की नजरें अब ₹1 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पर होंगी। कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) ज्वाइंट वेंचर के ऑपरेशनल कमेंट और विकास की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, जीएसटी (GST) रॉयल्टी पर चल रहे मुकदमेबाजी को लेकर किसी भी बड़े अपडेट पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
