Oil India के बोर्ड में बड़ा फेरबदल
Oil India Limited (OIL) ने अपने बोर्ड से तीन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के हटने की पुष्टि की है। श्री बलराम नंदवानी, श्री राजू रेवनकर और सुश्री पूजा सूरी का कार्यकाल 28 मार्च, 2026 को समाप्त हो गया है।
इसके साथ ही, सुश्री सूरी ने कंपनी की सब्सिडियरी Numaligarh Refinery Limited (NRL) में भी अपनी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका से इस्तीफा दे दिया है।
यह फेरबदल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) में गवर्नेंस (Governance) की स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों में डायरेक्टर्स का कार्यकाल आमतौर पर मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस (MoP&NG) के डायरेक्टिव्स (Directives) द्वारा शासित होता है, जिसमें अक्सर समय-सीमा पहले से तय होती है। 28 मार्च, 2025 के एक मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस के लेटर का भी जिक्र है, जो 28 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली इस योजनाबद्ध ट्रांजिशन प्रक्रिया की ओर इशारा करता है।
इन तीन डायरेक्टर्स के हटने से Oil India के बोर्ड की तत्काल संरचना में बदलाव आया है। OIL जैसी नेशनल एनर्जी कंपनी के लिए, एक स्थिर और अनुभवी बोर्ड रणनीतिक निर्णय लेने और परिचालन निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इन खाली पदों को भरने के लिए नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
Oil India, एक महारत्न CPSE और भारत की दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय तेल और गैस कंपनी है, जो MoP&NG के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है। PSUs में डायरेक्टर्स की नियुक्तियां और पदमुक्ति सरकारी नीति और कंपनीज़ एक्ट, 2013 की धारा 149 जैसे प्रासंगिक कानूनों के अनुसार प्रबंधित की जाती हैं। इन डायरेक्टर्स को कंपनी की रणनीति और गवर्नेंस पर विविध विशेषज्ञता और निष्पक्ष दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए नियुक्त किया जाता है।
इन तीन खाली पदों के बनने के साथ, Oil India अपने विभिन्न बोर्ड कमेटियों के प्रभावी ढंग से काम करना जारी रखने पर ध्यान केंद्रित करेगी। सरकार की मंजूरी और MoP&NG के निर्देशों के अधीन, इन पदों को भरने के लिए नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
यह घटनाक्रम भारत के अन्य प्रमुख एनर्जी PSUs में देखे जाने वाले रुझानों को दर्शाता है। Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) और GAIL (India) Limited जैसी कंपनियां भी समान गवर्नेंस फ्रेमवर्क के तहत काम करती हैं, जहां मंत्रालय द्वारा नियुक्त स्वतंत्र निदेशकों के कार्यकाल अक्सर सरकारी नीति और MoP&NG दिशानिर्देशों के आधार पर समाप्त होते हैं।