ONGC Share Update: SEBI अनुपालन पर लगी मुहर, निवेशकों को बड़ी राहत!

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AuthorNeha Patil|Published at:
ONGC Share Update: SEBI अनुपालन पर लगी मुहर, निवेशकों को बड़ी राहत!
Overview

ऑयल और गैस की दिग्गज कंपनी ONGC ने हाल ही में अपने शेयर होल्डिंग से जुड़े SEBI के नियमों के अनुपालन को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। कंपनी को उसके रजिस्ट्रार, Alankit Assignments Limited से **31 मार्च, 2026** को समाप्त तिमाही के लिए एक अनुपालन प्रमाण पत्र (compliance certificate) मिला है।

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SEBI नियमों का पालन पक्का!

ONGC ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के उन नियमों का पालन किया है जो फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में बदलने से संबंधित हैं। रजिस्ट्रार Alankit Assignments Limited से मिला यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि ONGC ने SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 के तहत तय की गई प्रक्रिया का सही ढंग से पालन किया है।

इस सर्टिफिकेट के अनुसार, ONGC को प्राप्त हुए फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह से सही रही है। इन सर्टिफिकेट्स को रद्दी (cancelled) कर दिया गया है और डिपॉजिटरी (Depositories) के साथ रजिस्टर भी कर लिया गया है।

निवेशकों के लिए क्यों है खास?

इस तरह के अनुपालन को बनाए रखना ONGC जैसी पब्लिकली लिस्टेड कंपनियों के लिए बेहद जरूरी है। यह शेयर स्वामित्व में पारदर्शिता (transparency) लाता है, स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग को आसान बनाता है, और फिजिकल सर्टिफिकेट्स से जुड़े जोखिमों, जैसे कि खो जाने या धोखाधड़ी, को कम करता है। यह सब मिलकर निवेशकों का भरोसा बनाने और बनाए रखने में मदद करता है।

ONGC हर तिमाही ऐसे अनुपालन प्रमाण पत्र जमा करती है, जो रेगुलेटरी आवश्यकताओं के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 का मकसद ही डिपॉजिटरी और पार्टिसिपेंट्स को रेगुलेट करके सिक्योरिटीज मार्केट की अखंडता और दक्षता सुनिश्चित करना है।

शेयरधारकों के लिए, यह पुष्टि इस बात का संकेत है कि ONGC की फिजिकल शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने की प्रक्रियाएं मजबूत हैं और SEBI के नियमों के अनुरूप हैं। यह कंपनी की शेयर रजिस्ट्री और ट्रांसफर सिस्टम की विश्वसनीयता को और पुख्ता करता है।

भारत के लिस्टेड कॉर्पोरेट सेक्टर में ऐसी अनुपालन मानक आम हैं। Indian Oil Corporation Ltd. जैसी प्रमुख कंपनियां भी शेयरधारक सेवाओं के लिए इन SEBI रेगुलेशंस का पालन करती हैं। ONGC का यह अनुपालन 1 अप्रैल, 2026 को प्रमाणित किया गया था।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.