CFO पद का महत्व
ONGC जैसी बड़ी सरकारी कंपनी के लिए मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) का पद बेहद अहम होता है। यह पद कंपनी की वित्तीय रणनीति, सेहत और रिपोर्टिंग का मार्गदर्शन करता है। ऐसे में, एक सहज उत्तराधिकार सुनिश्चित करना वित्तीय योजना, प्रबंधन और निवेशकों के साथ संबंधों में निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि
वर्तमान में डायरेक्टर (फाइनेंस) और CFO Vivek Chandrakant Tongaonkar 1 मई, 2026 को अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे। उन्हें 2 जुलाई, 2024 को इस भूमिका में नियुक्त किया गया था। इससे पहले, वे अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक ONGC के CFO रह चुके हैं और ONGC की सहायक कंपनी MRPL में भी डायरेक्टर (फाइनेंस) और CFO के पद पर काम कर चुके हैं। ONGC अपनी 'DEEKSHA' प्रोग्राम जैसी पहलों के जरिए महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए अधिकारियों को तैयार करने के लिए स्ट्रक्चर्ड लीडरशिप डेवलपमेंट और सक्सेशन प्लानिंग का उपयोग करती है।
कौन होंगे नए CFO?
नए CFO के तौर पर नियुक्त किए गए Yogish Nayak S. कॉर्पोरेट फाइनेंस में 30 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे ONGC में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – चीफ कॉर्पोरेट फाइनेंस के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति से वित्तीय नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी।
निवेशकों की नजर
निवेशक नए CFO की रणनीतिक प्राथमिकताओं और ONGC के वित्तीय लक्ष्यों को प्रबंधित करने के उनके दृष्टिकोण पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी की वित्तीय व्यवस्था बनाए रखने और विकास की रणनीतियों को लागू करने की क्षमता पर खास ध्यान दिया जाएगा।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस
भारत में ONGC और NTPC जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ (PSUs) अक्सर CFO जैसे महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक सक्सेशन प्लानिंग फ्रेमवर्क का उपयोग करती हैं।
आगे क्या?
निवेशक नेतृत्व परिवर्तन और नए CFO द्वारा किसी भी शुरुआती रणनीतिक दिशा-निर्देश का इंतजार करेंगे। ONGC के संयुक्त उद्यम (Joint Venture) और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर अपडेट भी निवेशकों के लिए रुचिकर बने रहेंगे।
