स्टैंडअलोन नतीजे रहे शानदार
Nava Ltd ने इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) में अपने स्टैंडअलोन प्रदर्शन से निवेशकों को खुश किया है। कंपनी ने ₹911 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल के ₹727 करोड़ की तुलना में 25.3% की बड़ी ग्रोथ दिखाता है। वहीं, स्टैंडअलोन इनकम (Standalone Income) ₹2,242 करोड़ रही।
कंसोलिडेटेड तस्वीर थोड़ी मिली-जुली
कंसोलिडेटेड आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू 8.3% बढ़कर ₹4,479 करोड़ (FY25 में ₹4,135 करोड़) रहा। लेकिन, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 27.6% की गिरावट आई है, जो ₹1,039 करोड़ पर आ गया (FY25 में ₹1,433 करोड़)।
क्यों आई कंसोलिडेटेड PAT में गिरावट?
कंसोलिडेटेड PAT में गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के जाम्बियाई ऑपरेशंस (MEL Zambia) में आई समस्याएं रहीं। कंपनी ने बताया कि टैक्स की एप्लीकेबिलिटी और जाम्बियन क्वाचा (Zambian Kwacha) के मजबूत होने के प्रोविज़न के कारण मुनाफे पर असर पड़ा है।
आगे क्या है कंपनी के लिए खास?
Nava Ltd ने अपने भारतीय एनर्जी बिजनेस (Indian Energy business) और फेरो अलॉयज (Ferro Alloys) में मैंगनीज-सिलिकॉन (Si Mn) की बिक्री की मात्रा में वृद्धि पर जोर दिया है। भविष्य के लिए, कंपनी 100 मेगावाट (MW) के सौर ऊर्जा प्लांट (Solar Plant) के चालू होने का इंतजार कर रही है, जो कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। साथ ही, MEL Zambia के फेज II के 300 MW प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है।
शेयरधारकों के लिए मतलब?
यह नतीजे Nava Ltd की घरेलू परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं। हालांकि, विदेशी ऑपरेशंस, खासकर जाम्बिया में, कंपनी की समग्र लाभप्रदता को प्रभावित कर रहे हैं। शेयरधारकों के लिए, नई परियोजनाओं का सफल कार्यान्वयन और मुद्रा के उतार-चढ़ाव का प्रबंधन भविष्य के रिटर्न के लिए महत्वपूर्ण होगा।