NTPC ने बताई परमाणु प्रोजेक्ट की हकीकत
नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) लिमिटेड ने हाल ही में आई उन मीडिया रिपोर्ट्स पर विराम लगा दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि कंपनी बिहार के बांका जिले में 1,400 MW का एक बड़ा परमाणु ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) शुरू कर चुकी है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को गलत बताया है।
शुरुआती जांच-पड़ताल, कोई बड़ा कदम नहीं
NTPC ने स्पष्ट किया है कि इस प्रस्तावित न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को लेकर कोई भी व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) अभी शुरू नहीं हुआ है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि ये महज प्रारंभिक जांच-पड़ताल (preliminary investigations) हैं और इन्हें किसी महत्वपूर्ण घटनाक्रम (material event) के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
इससे पहले, 26 अप्रैल, 2026 की रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि NTPC बिहार के बांका जिले में दो 700 MW की न्यूक्लियर यूनिट्स स्थापित करने पर विचार कर रही है। इन रिपोर्ट्स में प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹25,000 करोड़ बताई गई थी।
डायवर्सिफिकेशन पर NTPC का जोर
NTPC लगातार अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता को विविध (diversify) करने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी पारंपरिक थर्मल पावर के अलावा अक्षय ऊर्जा (renewables) और परमाणु ऊर्जा (nuclear power) जैसे नए ऊर्जा स्रोतों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाने के अवसर तलाश रही है। यह भारत के राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है।
NTPC, भारत की सबसे बड़ी पावर यूटिलिटी है, जिसकी स्थापित क्षमता लगभग 89 GW है। कंपनी का लक्ष्य 2047 तक लगभग 30 GW के अपने स्वयं के परमाणु प्रोजेक्ट्स विकसित करना है, जो भारत के 100 GW परमाणु क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देगा।
प्रतिस्पर्धी माहौल
एनटीपीसी पावर सेक्टर में टाटा पावर (Tata Power), अडानी पावर (Adani Power) और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Power Grid Corporation of India) जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। जहां NTPC परमाणु ऊर्जा में विस्तार कर रही है, वहीं अन्य कंपनियां भी अपनी-अपनी रणनीतियों के तहत पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में निवेश कर रही हैं।
