पूरे साल के नतीजे: आमदनी बढ़ी, पर मुनाफे में आई बड़ी गिरावट
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो Mahanagar Gas का कुल रेवेन्यू 12.76% बढ़कर ₹9,185.13 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 19.19% घटकर ₹840.55 करोड़ रह गया, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹1,040.15 करोड़ था।
क्यों गिरा मुनाफा? गैस की बढ़ती लागत बनी मुख्य वजह
इस भारी मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह गैस खरीदने की बढ़ती लागत है। कंपनी को FY26 में गैस की खरीद पर ₹5,637.15 करोड़ खर्च करने पड़े, जो कि रेवेन्यू ग्रोथ से कहीं ज़्यादा है। इसी वजह से कंपनी के मार्जिन पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
डिविडेंड (Dividend) का ऐलान और GAIL से विवाद
इन सब चुनौतियों के बावजूद, MGL ने FY26 के लिए शेयरधारकों को ₹30 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है। कंपनी एक और बड़ी समस्या का सामना कर रही है - GAIL (India) Ltd के साथ ट्रांसपोर्टेशन टैरिफ (Transportation Tariff) को लेकर एक लंबित विवाद। इससे कंपनी की फाइनेंशियल अनिश्चितता बनी हुई है। GAIL की ओर से ₹331.80 करोड़ की मांग और ₹54.33 करोड़ का GST डिमांड भी कंपनी के लिए जोखिम पैदा कर रहा है, हालांकि MGL का मानना है कि उसका पक्ष मजबूत है।
कैश (Cash) में भारी कमी
इसके अलावा, कंपनी के स्टैंडअलोन कैश और कैश इक्विवेलेंट (Cash and Cash Equivalents) में भी भारी गिरावट आई है, जो ₹151.68 करोड़ से घटकर ₹56.56 करोड़ रह गए हैं। यह छोटी अवधि की लिक्विडिटी (Liquidity) पर सवाल खड़े करता है।
सेक्टर (Sector) की समस्या?
Mahanagar Gas की ये दिक्कतें सिर्फ उसकी ही नहीं हैं। इसके साथी Indraprastha Gas Ltd (IGL) और Gujarat Gas Ltd (GGL) जैसे दूसरे बड़े CGD प्लेयर्स भी बढ़ती गैस सोर्सिंग लागतों और कीमतों में अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जो सेक्टर-व्यापी समस्या का संकेत देता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
आगे देखने वाली बात होगी कि कंपनी इन बढ़ती लागतों को ग्राहकों पर कितना पास ऑन कर पाती है या लागत में कटौती के नए तरीके खोज पाती है। GAIL के साथ विवाद का हल और गैस की कीमतों में भविष्य के उतार-चढ़ाव पर भी पैनी नजर रहेगी।
