मुनाफे में आई भारी गिरावट, वजहें क्या?
MRPL के फाइनेंशियल ईयर 2024-25 (FY25) के नतीजे वाकई चौंकाने वाले रहे। इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹3,596 करोड़ की तुलना में गिरकर महज ₹51 करोड़ पर आ गया। यह 98.4% की एक बड़ी गिरावट है। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (Operating Profit Margin) में भी जबरदस्त कमी देखी गई, जो पिछले साल के 10.2% से घटकर इस साल सिर्फ 2.9% रह गया।
डिविडेंड का इतिहास और शेयरधारकों पर असर
FY25 में प्रदर्शन भले ही कमजोर रहा हो, लेकिन MRPL का शेयरधारकों को डिविडेंड देने का एक इतिहास रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 (FY24) के लिए कंपनी ने कुल ₹3 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। हाल के अतीत में, कंपनी ने अगस्त 2024 में ₹2 और फरवरी 2024 में ₹1 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी जारी किया था। अब FY26 के लिए ₹4 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड का ऐलान शेयरधारकों को एक सीधा रिटर्न प्रदान करता है, जो कंपनी की कैश फ्लो मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी का भी हिस्सा है।
निवेशकों को किन जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए?
- प्रॉफिटेबिलिटी का दबाव: 98% से अधिक की गिरावट के बाद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रह सकता है, जिससे भविष्य के डिविडेंड की निरंतरता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
- रिफाइनिंग मार्जिन में उतार-चढ़ाव: ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में अस्थिरता कंपनी के मुनाफे को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है।
- रेगुलेटरी अनुपालन: हाल ही में कंपनी पर BSE और NSE ने SEBI के बोर्ड संरचना नियमों का पालन न करने के कारण जुर्माना लगाया है, जो गवर्नेंस पर नजर रखने की ओर इशारा करता है।
पीयर कंपनियों से तुलना
MRPL का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) अपने कुछ अन्य पीएसयू (PSU) साथियों की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। जहां MRPL का यील्ड लगभग 2.09% से 2.22% के बीच है, वहीं IOCL (Indian Oil Corporation) का यील्ड करीब 7.12% से 7.21%, BPCL (Bharat Petroleum) का 7.91% से 8.29% और HPCL (Hindustan Petroleum) का 5.9% है। Chennai Petroleum Corporation (CPCL) का यील्ड सबसे कम, लगभग 0.50% है।
निवेशक अब आगे क्या देख रहे हैं?
निवेशक अब MRPL के FY25-26 के फाइनल ऑडिटेड नतीजों का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, GRM ट्रेंड्स, भविष्य की डिविडेंड पॉलिसी, ऑपरेशनल परफॉरमेंस में सुधार और किसी भी रेगुलेटरी डेवलपमेंट पर उनकी पैनी नजर रहेगी।
