Larsen & Toubro (L&T) समूह, जिसका कारोबार 30 बिलियन डॉलर से अधिक का है, की सहायक कंपनी L&T Energy GreenTech (LTEGL) और जापान की प्रमुख ट्रेडिंग कंपनी ITOCHU Corporation के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इस लंबी अवधि के 'टेक-ऑर-पे' (Take-or-pay) एग्रीमेंट के तहत, LTEGL अपनी Kandla स्थित ग्रीन अमोनिया फैसिलिटी से ITOCHU को सालाना 300,000 टन ग्रीन अमोनिया की सप्लाई करेगी। सप्लाई की शुरुआत 22 अप्रैल, 2026 से होगी।
यह पार्टनरशिप भारत के महत्वाकांक्षी नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) के अनुरूप है और वैश्विक समुद्री क्षेत्र (maritime sector) के डीकार्बोनाइजेशन (decarbonisation) में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ग्रीन अमोनिया समुद्री जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण लो-कार्बन फ्यूल (low-carbon fuel) के तौर पर काम करेगा, जिससे Kandla, गुजरात, सस्टेनेबल फ्यूल्स (sustainable fuels) के लिए एक प्रमुख एक्सपोर्ट हब (export hub) के रूप में स्थापित होगा।
भारत सरकार ने जनवरी 2023 में नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक 5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है। L&T अपनी मजबूत EPC विशेषज्ञता के साथ इस परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ITOCHU भी ग्रीन अमोनिया सप्लाई चेन के विकास में निवेश कर रही है। इससे पहले जुलाई 2025 में दोनों कंपनियों के बीच एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) भी हुआ था।
इस डील के मुख्य बिंदु:
- स्थायी मांग की गारंटी: 'टेक-ऑर-पे' एग्रीमेंट LTEGL के ग्रीन अमोनिया उत्पादन के लिए स्थायी खरीदार सुनिश्चित करता है, जिससे व्यावसायिक स्थिरता आती है।
- निर्यात क्षमता में वृद्धि: यह भारत को एक ग्रीन फ्यूल एक्सपोर्टर (green fuel exporter) के रूप में स्थापित करने में मदद करता है, जिसमें Kandla एक महत्वपूर्ण सप्लाई पॉइंट बनेगा।
- समुद्री डीकार्बोनाइजेशन में तेजी: ग्रीन अमोनिया की यह सप्लाई शिपिंग इंडस्ट्री को फॉसिल फ्यूल (fossil fuel) से दूरी बनाने में मदद करेगी।
